UP चुनाव 2027 के लिए BJP का ‘महाप्लान’: मंत्रियों और सांसदों को दिए सख्त निर्देश, गांवों में रात गुजारकर टटोलेंगे जनता की नब्ज

Lucknow News: उत्तर प्रदेश में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अभी से पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। राज्य की सत्ता पर दोबारा पूर्ण बहुमत से काबिज होने और विपक्षी दलों को चारों खाने चित करने के लिए भाजपा ने अपना एक बेहद मजबूत और रणनीतिक रोड मैप तैयार कर लिया है।

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इस महा-अभियान के तहत भाजपा ने अपने जमीनी कार्यकर्ताओं से लेकर बड़े जनप्रतिनिधियों, विधायकों और सांसदों को सीधे चुनावी मैदान में उतारने की अंतिम तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी के सिपाही अब सीधे आम जनता के बीच जाएंगे। वे ग्रामीणों को केंद्र और राज्य सरकार की बड़ी उपलब्धियों के बारे में विस्तार से बताएंगे।

इस बार भाजपा केवल अपनी बात नहीं कहेगी, बल्कि जमीनी स्तर पर लोगों से सरकार के कामकाज का सीधा फीडबैक भी लेगी। इसके पीछे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की यह बड़ी रणनीति है कि पिछले चुनावों में जहां भी जो भी संगठनात्मक या प्रशासनिक कमी रह गई थी, उसे समय रहते पूरी तरह से दुरुस्त किया जा सके।

हर मंडल में तैयार हो रही 500 प्रभावशाली लोगों की सूची

अपनी चुनावी पैठ को नए स्तर पर ले जाने के लिए भाजपा प्रत्येक मंडल स्तर पर 500 सबसे प्रभावशाली स्थानीय लोगों की एक विशेष सूची तैयार करवा रही है। इस सूची में मुख्य रूप से क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यापारी, रिटायर्ड सरकारी अधिकारी, डॉक्टर, इंजीनियर और समाज के अन्य प्रबुद्ध वर्ग के लोगों को शामिल किया जा रहा है।

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इन चिन्हित प्रभावशाली लोगों से भाजपा के सांसद और विधायक व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करेंगे। इस विशेष मुलाकात के दौरान जनप्रतिनिधि उन्हें सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देंगे। इसके साथ ही वे उनके स्थानीय क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों का पूरा लेखा-जोखा भी उनके सामने पारदर्शी तरीके से रखेंगे।

इस पूरी प्रक्रिया के दौरान भाजपा नेता प्रबुद्ध वर्ग से यह भी जानेंगे कि उनके क्षेत्र में अब तक कौन से आवश्यक विकास कार्य नहीं हो पाए हैं। पार्टी की इसके पीछे सोची-समझी रणनीति यह है कि इससे जनता के बीच उनकी पैठ और ज्यादा मजबूत होगी। इस व्यक्तिगत संपर्क के बाद पार्टी बड़े स्तर पर प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलनों का आयोजन भी करेगी।

विधायक और सांसद अनिवार्य रूप से करेंगे रात्रि प्रवास

आम जनता के बीच अपनी पकड़ को चट्टान की तरह मजबूत करने के लिए भाजपा के केंद्रीय और प्रांतीय शीर्ष नेतृत्व ने अपने सभी जनप्रतिनिधियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। पार्टी ने साफ कहा है कि सभी सांसदों और विधायकों को अब अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों के गांवों में जाकर अनिवार्य रूप से रात्रि प्रवास करना होगा।

नए नियमों के तहत हर विधायक को अपनी ही विधानसभा के विभिन्न गांवों में रात गुजारनी होगी और वहां चौपाल लगाकर जनता से सीधा संवाद स्थापित करना होगा। ठीक इसी तरह, सांसदों को भी उनके संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सभी विधानसभाओं के ग्रामीण इलाकों में एक-एक दिन का अनिवार्य रात्रि प्रवास करना होगा।

समस्याओं के समाधान के लिए लगेंगी ग्राम चौपालें

ग्रामीण अंचलों और किसानों के बीच अपनी पकड़ को और अधिक पुख्ता करने के लिए भाजपा बड़े पैमाने पर ‘ग्राम चौपालों’ का आयोजन करने जा रही है। इन चौपालों में ग्रामीणों की स्थानीय समस्याओं को बेहद ध्यान से सुना जाएगा। इसके बाद मौके पर ही मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों के जरिए उनका तुरंत निस्तारण कराने का प्रयास किया जाएगा।

पार्टी संगठन को मंडल से लेकर सीधे बूथ स्तर तक बेहद मजबूत और सक्रिय बनाने के लिए यह पूरी योजना तैयार की गई है। भाजपा के महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने इस रणनीति की पुष्टि करते हुए बताया कि जनप्रतिनिधि लगातार जनता के बीच रहकर रात्रि प्रवास करेंगे। उन्होंने कहा कि जल्द ही पूरे राज्य में इन ग्राम चौपालों का शानदार आयोजन शुरू होने जा रहा है।

Harikarishan Sharma

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