पश्चिम बंगाल के बरुईपुर में सांसद सयानी घोष का भारी विरोध, पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचने पर लोगों ने लगाए दलबदलू के नारे

Baruipur News: पश्चिम बंगाल के बरुईपुर में एक बारह साल की बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद जादवपुर की सांसद सयानी घोष मंगलवार को पीड़ित परिवार से मिलने सुरजापुर पहुंची थीं। वहां मौजूद स्थानीय जनता ने सांसद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और तीखा विरोध प्रदर्शन किया।

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भीड़ ने सांसद सयानी घोष को घेरकर गद्दार और बेईमान जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। लोगों ने उन पर बिकने का गंभीर आरोप भी लगाया। इस भारी विरोध और हंगामे को देखकर सांसद वहां से तुरंत रवाना हो गईं। टीएमसी से अलग होने के बाद वह पहली बार अपने क्षेत्र में आई थीं।

टीएमसी से बगावत के बाद जनता में भारी आक्रोश

सयानी घोष ने जादवपुर लोकसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीता था। उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार को बड़े अंतर से हराया था। इसके बाद टीएमसी में बड़ी राजनीतिक बगावत हुई थी। सयानी बागी गुट में शामिल होकर अब एनसीपीआई की सांसद हैं, जो एनडीए गठबंधन को समर्थन दे रही है।

जनता को सयानी घोष का यह दलबदल बिल्कुल पसंद नहीं आया। चुनाव प्रचार के दौरान उनके वायरल गानों को लिबरल लोगों ने सराहा था। लेकिन राजनीतिक पाला बदलने के बाद उनके संसदीय क्षेत्र के लोग बेहद नाराज हैं। यही मुख्य कारण है कि बरुईपुर में उन्हें जनता के भीषण गुस्से का सामना करना पड़ा।

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सोशल मीडिया पर सांसद ने व्यक्त किया दुख

इस दुखद घटना के तुरंत बाद सयानी घोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि वह सुरजापुर की इस जघन्य घटना से बेहद स्तब्ध और दुखी हैं। सांसद ने पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और त्वरित न्याय की मांग की।

सांसद ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से इस संवेदनशील मामले पर सीधी बात की है। मुख्यमंत्री ने खुद इस घटना की निगरानी का आश्वासन दिया है। पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी बना दी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

अभिषेक बनर्जी और महुआ मोइत्रा भी झेल चुके हैं विरोध

पश्चिम बंगाल की राजनीति में नेताओं का ऐसा तीखा विरोध नया नहीं है। इससे पहले टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी को भी सोनारपुर में भारी विरोध झेलना पड़ा था। विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा के दौरान पीड़ित परिवार से मिलने गए अभिषेक पर लोगों ने जूते और अंडे फेंके थे।

इसी तरह एक जुलाई को नदिया जिले में टीएमसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शनकारियों ने महुआ मोइत्रा पर अंडे बरसाए थे। महुआ मोइत्रा ने इस हमले के लिए बीजेपी समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया था। राज्य में पार्टी बदलने और राजनीतिक हिंसा को लेकर नेताओं के प्रति जनता का गुस्सा बढ़ता जा रहा है।

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