Mumbai News: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की एक लाख करोड़ रुपये की तीन दिवसीय ‘परिवर्ती दर रेपो’ (VRR) नीलामी को बैंकों की तरफ से बेहद सुस्त प्रतिक्रिया मिली है। शुक्रवार को हुई इस नीलामी में कम बोलियां आना साफ तौर पर बैंकिंग प्रणाली में अल्पकालिक धन की सीमित आवश्यकता की ओर इशारा करता है।
अधिसूचित राशि के मुकाबले बेहद कम मिलीं बोलियां
केंद्रीय बैंक को इस विशेष वीआरआर नीलामी में बैंकों से एक लाख करोड़ रुपये की भारी अधिसूचित राशि के मुकाबले महज 16,750 करोड़ रुपये की ही बोलियां प्राप्त हुईं। रिजर्व बैंक ने इस नीलामी में आई पूरी राशि को 5.26 प्रतिशत की ‘कट-ऑफ’ और भारित औसत दर पर पूरी तरह स्वीकार कर लिया है।
मौजूदा समय में बैंकिंग प्रणाली में नकदी (लिक्विडिटी) की स्थिति अधिशेष यानी सरप्लस में बनी हुई है, हालांकि इसका कुल स्तर पहले के मुकाबले अपेक्षाकृत कम दर्ज किया गया। रिजर्व बैंक के पास उपलब्ध नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 18 जून तक बैंकिंग प्रणाली में नकदी अधिशेष करीब 19,163.11 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा।
बैंकिंग प्रणाली में लगातार बनी हुई है सख्त स्थिति
पिछले कारोबारी दिन की तुलना में नकदी की स्थिति में मामूली सुधार जरूर देखा गया है, लेकिन यह अब भी काफी निचले स्तर पर बनी हुई है। यह स्थिति बैंकिंग सिस्टम में अपेक्षाकृत सख्त परिस्थितियों को दर्शाती है। वीआरआर नीलामी में बैंकों की यह कम भागीदारी बताती है कि नकदी समर्थन के बावजूद मांग सीमित है।
भारतीय रिजर्व बैंक आमतौर पर अल्पकालिक नकदी प्रबंधन और ओवरनाइट दरों को नीतिगत दर गलियारे (Policy Rate Corridor) के अनुरूप बनाए रखने के लिए ऐसी वीआरआर नीलामियां आयोजित करता है। इसके तहत देश के वाणिज्यिक बैंकों को अलग-अलग ब्याज दरों पर बोली के जरिये तय अवधि के लिए पैसा उधार दिया जाता है।
अस्थायी नकदी के रूप में डाले 1.89 लाख करोड़ रुपये
बाजार में नकदी के दबाव को कम करने और ओवरनाइट मनी मार्केट दरों को नियंत्रण में रखने के लिए केंद्रीय बैंक लगातार प्रयास कर रहा है। इसके तहत आरबीआई ने पिछले कुछ दिनों में विभिन्न अवधियों की वीआरआर नीलामी के माध्यम से बाजार में करीब 1.89 लाख करोड़ रुपये की अस्थायी नकदी डाली है।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इसमें 18 जून को दो विशेष नीलामियों के जरिये 72,300 करोड़ रुपये डाले गए थे। वहीं, 16 जून को सात दिवसीय वीआरआर नीलामी के माध्यम से 89,440 करोड़ रुपये और 15 जून को ओवरनाइट नीलामी के जरिये बैंकिंग सिस्टम में 28,220 करोड़ रुपये की नकदी डाली गई थी।
Author: Rajesh Kumar

