Mumbai News: टाटा ग्रुप की प्रमुख रिटेल कंपनी ट्रेंट (Trent) के चेयरमैन नोएल टाटा लगभग 30 वर्षों की लंबी और शानदार सेवा के बाद अपने पद से रिटायर होने जा रहे हैं। नोएल टाटा इस साल नवंबर में 70 वर्ष के हो जाएंगे। इसके बाद वे कॉर्पोरेट नीतियों के तहत अपना पद छोड़ देंगे।
टाटा ग्रुप की गवर्नेंस नीतियों के अनुसार, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स के रिटायरमेंट की उम्र 65 वर्ष तय की गई है। वहीं, नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स 70 वर्ष की आयु पूरी होने पर रिटायर होते हैं। नोएल टाटा ने कंपनी की 47वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में खुद शेयरधारकों को इसकी जानकारी दी।
नोएल टाटा की आखिरी एजीएम और ट्रेंट का शानदार रेवेन्यू
शेयरधारकों को संबोधित करते हुए भावुक अंदाज में नोएल टाटा ने कहा कि चेयरमैन के रूप में यह मेरी अंतिम वार्षिक आम बैठक (AGM) होगी। उनके इस आधिकारिक बयान के बाद टाटा ग्रुप के बिजनेस जगत और शेयर बाजार के निवेशकों में एक नए उत्तराधिकारी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
नोएल टाटा के दमदार और कुशल नेतृत्व में ट्रेंट का कुल रेवेन्यू फाइनेंशियल ईयर 2026 में 19,701 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है। वे साल 1998 में पहली बार एक डायरेक्टर के रूप में इस कंपनी के बोर्ड में शामिल हुए थे, जिसकी नींव उनकी मां सिमोन टाटा ने रखी थी।
साल 1957 में मुंबई में जन्मे नोएल टाटा, दिग्गज कारोबारी स्वर्गीय रतन टाटा और जिमी टाटा के सौतेले भाई हैं। उन्होंने ब्रिटेन की ससेक्स यूनिवर्सिटी से अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने फ्रांस के मशहूर बिजनेस स्कूल इनसीड (INSEAD) से इंटरनेशनल एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम की पढ़ाई की।
वेस्टसाइड से लेकर जूडियो ब्रांड को दिलाई ग्लोबल पहचान
साल 1999 में नोएल टाटा ने ट्रेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) के रूप में कंपनी का पूरा कार्यभार संभाला था। उनके नेतृत्व में ही प्रसिद्ध रिटेल चेन वेस्टसाइड (Westside) ने भारत भर में अपना बड़ा विस्तार किया। इसके अलावा, उन्होंने देश के बेहद लोकप्रिय वैल्यू-फैशन ब्रांड जूडियो (Zudio) को लॉन्च और लीड किया।
आज जूडियो भारत की सबसे तेजी से बढ़ती रिटेल सफलताओं में से एक बन चुका है। नोएल टाटा के एमडी रहते हुए ट्रेंट ने जो तरक्की की, वह लाजवाब है। उन्होंने 1998 में महज एक स्टोर के संचालन से शुरुआत करके आज देश भर में 800 से अधिक स्टोर्स का एक विशाल नेटवर्क खड़ा कर दिया है।
अक्टूबर 2024 में रतन टाटा के दुखद निधन के बाद नोएल टाटा को सर्वसम्मति से टाटा ट्रस्ट्स का नया चेयरमैन बनाया गया था। आपको बता दें कि टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा सन्स की लगभग 66 फीसदी हिस्सेदारी है। इस वजह से यह पद टाटा इकोसिस्टम में सबसे ज्यादा पावरफुल माना जाता है।
टाटा इंटरनेशनल के टर्नओवर को भी पहुंचाया नई ऊंचाइयों पर
नोएल टाटा ने अगस्त 2010 से नवंबर 2021 तक टाटा इंटरनेशनल लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में भी देश को अपनी बेहतरीन सेवाएं दी थीं। इस दौरान उन्होंने कंपनी के कुल बिजनेस टर्नओवर को 500 मिलियन डॉलर से कई गुना बढ़ाकर 3 बिलियन डॉलर से अधिक के पार पहुंचा दिया था।
टाटा ग्रुप के लिए उनका जाना एक युग के अंत जैसा है, लेकिन उनके द्वारा तैयार किया गया मजबूत बिजनेस मॉडल भविष्य में भी ट्रेंट को नई ऊंचाइयों पर ले जाता रहेगा। आने वाले दिनों में ट्रेंट के नए चेयरमैन के नाम का आधिकारिक ऐलान टाटा बोर्ड द्वारा जल्द ही किया जा सकता है।

