Himachal News: हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) में हुए खूनी संघर्ष मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। एसएफआई और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसक झड़प में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। शिमला पुलिस ने इन तीनों छात्रों को अदालत में पेश किया। कोर्ट ने सभी को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस इस मामले में अन्य छात्रों की भूमिका की भी जांच कर रही है। जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
जानिए कौन हैं गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने जिन तीन छात्रों को पकड़ा है, उनकी पहचान सार्वजनिक कर दी गई है। इनमें जिला सिरमौर के शिलाई का रहने वाला 23 वर्षीय विवेक बिरसांता शामिल है। दूसरा आरोपी 26 वर्षीय देव राज है, जो सिरमौर के ददाहू का निवासी है। वहीं तीसरा आरोपी 22 वर्षीय अंशुल मिन्हास है। अंशुल हमीरपुर जिले के नादौन का रहने वाला है। रिमांड के दौरान पुलिस इन तीनों से कड़ी पूछताछ कर रही है। इस पूछताछ से कई और नाम सामने आने की उम्मीद है।
27 फरवरी को कैंपस में हुआ था बवाल
यह पूरा मामला पिछले महीने 27 फरवरी का है। थाना बालूगंज के तहत आने वाले एचपीयू कैंपस में अचानक तनाव फैल गया था। एसएफआई और एबीवीपी के छात्र आपस में बुरी तरह भिड़ गए थे। इस मारपीट और हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने बीच-बचाव कर मामले को शांत करवाया। इसके बाद सभी घायल छात्रों को इलाज के लिए तुरंत आईजीएमसी अस्पताल पहुंचाया गया।
शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट पर दर्ज हुई FIR
पुलिस ने इस मामले में निष्पक्ष और कड़ी कानूनी कार्रवाई की है। वादी अंकित चंदेल ने थाने में अपनी शिकायत दी थी। इस शिकायत और घायलों की मेडिकल लीगल रिपोर्ट (एमएलसी) के आधार पर केस दर्ज हुआ। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई सख्त धाराओं के तहत थाना बालूगंज में मामला दर्ज किया है। घायल छात्र भवानी ठाकुर की रिपोर्ट के बाद मामले में धारा 118(2) बीएनएस भी जोड़ी गई है। मामले की गहन जांच अब भी जारी है।
शहर में शांति बनाए रखने पर पुलिस का जोर
शिमला की जिला पुलिस इस मामले को लेकर पूरी तरह सतर्क है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा। दोषियों के खिलाफ नियम के अनुसार सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। विश्वविद्यालय परिसर और पूरे शहर में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल मुस्तैद है। पुलिस हर स्थिति पर लगातार नजर रख रही है ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न घटे।

