Jamui News: मलयपुर स्थित बिहार विशेष सैन्य बल 11 के परेड ग्राउंड में शनिवार को एक हैरतअंगेज और गौरवमयी नजारा देखने को मिला। सुबह से जारी रिमझिम फुहारों और काले बादलों के बीच जब नव-निर्वाचित महिला सिपाहियों ने कदमताल शुरू की, तो उनका आत्मविश्वास देखने लायक था। इस भव्य दीक्षांत समारोह से सुरक्षा के मोर्चे पर आधी आबादी की नई हुंकार गूंज उठी।
समारोह का शंखनाद मुख्य अतिथि डीआइजी राकेश कुमार, जिलाधिकारी नवीन, पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल और 215 बटालियन सीआरपीएफ के द्वितीय कमान अधिकारी सुरेंद्र सिंह के आगमन के साथ हुआ। पूरे 261 दिनों की बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण ट्रेनिंग पूरी करने के बाद देश सेवा का संकल्प लेकर महिला सिपाही मैदान में मार्चपास्ट के लिए उतरी थीं।
जैसे ही महिला सिपाहियों की 12 टुकड़ियों ने कदम बढ़ाए, पूरा परेड ग्राउंड बूटों की धमक और गगनभेदी जयघोष से गुंजायमान हो उठा। परेड के समापन के बाद सभी जवानों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कर्तव्य पालन करने की पवित्र शपथ दिलाई गई। वर्दी में सजी अपनी बेटियों को देखकर वहां मौजूद माता-पिता की आंखें गर्व से नम हो गईं।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बेटियां हुईं सम्मानित
समारोह के दौरान बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली मुख्य कमांडर महिला सिपाही पूजा और द्वितीय कमांडर किरण कुमारी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही 12 प्लाटून की कमांडर संजना कुमारी, अनु कुमारी, आरती कुमारी, खुशनुमा खातून, शालिनी, सुलेखा, चांदनी, प्रीति, मेनका, निकिता, मनीषा और आशा को भी शानदार ट्रॉफी प्रदान की गई।
निशान टोली की सदस्य काजल कुमारी, प्रीति, मुस्कान, खुशी, निक्की गुप्ता, रीता और रोशनी कुमारी को भी उनके शानदार अनुशासन के लिए मंच पर सम्मानित किया गया। इन जांबाज बेटियों के साथ-साथ उनके सभी अनुदेशकों को भी स्मृति चिह्न भेंट किए गए। इस दौरान पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।
कार्यक्रम के अंत में जब मुख्य कमांडर पूजा ने डीआइजी राकेश कुमार से औपचारिकता के तहत कार्यक्रम समापन की अनुमति मांगी, तो एक बेहद दिलचस्प वाकया सामने आया। सभी 12 प्लाटून की 581 नव-महिला सिपाहियों ने एक सुर में अपने गृह जनपद जाने के लिए चार दिनों की पीएल यानी विशेष छुट्टी की मांग रख दी।
डीआइजी ने दिया छुट्टी का तोहफा
महिला जवानों के इस अभूतपूर्व जोश और सामूहिक मांग को देखते हुए डीआइजी ने समादेष्टा सह प्राचार्य संजय कुमार को तत्काल मंच से ही छुट्टी की घोषणा करने का निर्देश दिया। इसके बाद प्राचार्य ने सभी महिला जवानों के लिए दो दिन की छुट्टी को तुरंत मंजूरी दे दी, जिससे जवानों के चेहरे खिल उठे।
इसके साथ ही डीआइजी ने महिला सिपाहियों का उत्साह बढ़ाते हुए भरोसा दिलाया कि वे सभी के संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों से बात कर इस छुट्टी को और आगे बढ़ाने का पूरा प्रयास करेंगे। डीआइजी के इस सकारात्मक और संवेदनशील आश्वासन के बाद सभी महिला जवानों ने एक स्वर में अनुशासन के साथ उन्हें धन्यवाद दिया।
Author: Amit Yadav

