Shimla News: हिमाचल प्रदेश के हर घर और खेत तक पानी पहुंचाने के लिए जल शक्ति विभाग ने बड़ी मुहिम शुरू की है। विभाग अगले दस दिनों के भीतर राज्य में नवासी निष्क्रिय योजनाओं को दोबारा पूरी तरह क्रियाशील कर देगा। इसके लिए विभाग ने बंद पड़ी परियोजनाओं को चालू करने का एक विस्तृत खाका तैयार किया है।
चार महीनों में बासठ पेयजल योजनाएं शुरू करने का लक्ष्य
विभाग ने आगामी चार महीनों में बासठ और बंद योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से शुरू करने का बड़ा टारगेट रखा है। इस विशेष कार्ययोजना के तहत जून में तीस, जुलाई में तेरह, अगस्त में दस और सितंबर महीने में नौ योजनाओं को चालू किया जाएगा। इस कदम से ग्रामीण इलाकों में पानी की किल्लत पूरी तरह दूर होगी।
लंबित परियोजनाओं को जल्द शुरू करने के लिए विभाग ने बिजली बोर्ड को अड़तालीस करोड़ निवासी लाख रुपए का फंड जारी किया है। जल शक्ति विभाग के सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने पेयजल और सिंचाई परियोजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में कड़े निर्देश जारी किए हैं।
करोड़ों रुपए खर्च कर बुनियादी ढांचे को किया मजबूत
सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने बताया कि विभाग का मुख्य लक्ष्य प्राथमिकता के आधार पर पेयजल और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करना है। विभाग ने छाछठ करोड़ बावन लाख रुपए खर्च कर एक सौ चौंतीस योजनाओं में बिजली सप्लाई और उपकरणों से जुड़े काम को समय से पहले ही पूरी तरह पूरा कर लिया है।
इसके साथ ही राज्य में लगभग एक सौ चालीस करोड़ रुपए की लागत से पैंतालीस महत्वपूर्ण योजनाओं को पहले ही क्रियाशील किया जा चुका है। इन सभी परियोजनाओं के शुरू होने से हिमाचल प्रदेश की एक बहुत बड़ी आबादी को सीधे तौर पर दैनिक जीवन में भरपूर पानी का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
अधिकारियों को बिजली बोर्ड के साथ तालमेल बिठाने के निर्देश
जल शक्ति विभाग के सचिव ने अधिकारियों को हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड के साथ निरंतर बेहतर को-ऑर्डिनेशन और तालमेल बनाकर काम करने के निर्देश दिए हैं। हर पंद्रह दिनों में इन सभी पेयजल एवं सिंचाई परियोजनाओं की जमीनी प्रगति की कड़ाई से समीक्षा की जा रही है ताकि काम में देरी न हो।
इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक में जल शक्ति विभाग की प्रमुख इंजीनियर अंजू शर्मा और बिजली बोर्ड के मैनेजिंग डायरेक्टर आदित्य नेगी विशेष रूप से मौजूद रहे। उनके साथ मुख्य इंजीनियर राकेश कुमार सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी राज्य में जलापूर्ति व्यवस्था को सुधारने के लिए अपने विचार साझा किए।
क्या आप इस समाचार रिपोर्ट में हिमाचल प्रदेश के किसी विशिष्ट जिले की जलापूर्ति योजना से जुड़ी जानकारी या कोई अन्य आंकड़ा भी शामिल करना चाहते हैं?

