Shimla News: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण सड़कों के निर्माण की बेहतरीन गुणवत्ता के मामले में हिमाचल प्रदेश ने एक बार फिर पहाड़ी राज्यों में अपनी श्रेष्ठता साबित की है। केंद्र सरकार की वित्त वर्ष 2025-26 की ताजा मूल्यांकन रिपोर्ट में हिमाचल को पहाड़ी राज्यों की सूची में पहला स्थान मिला है।
इस सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक हिमाचल प्रदेश में कुल 1,029 ग्रामीण सड़क परियोजनाओं का कड़ा निरीक्षण किया गया था। इनमें से केवल 20 विकास कार्य ही तकनीकी तौर पर असंतोषजनक पाए गए हैं। इसी वजह से राज्य में खराब गुणवत्ता वाले कार्यों की कुल दर मात्र 3.83 प्रतिशत दर्ज हुई है।
कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद हिमाचल का शानदार प्रदर्शन
राष्ट्रीय स्तर पर इस योजना के तहत खराब कार्यों का कुल औसत 2.74 प्रतिशत रहा है। बेहद कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और चुनौतीपूर्ण मौसम के बावजूद हिमाचल के लोक निर्माण विभाग ने यह बेहतरीन मुकाम हासिल किया है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने राज्य की इस शानदार उपलब्धि की सराहना की है।
उत्तराखंड की स्थिति सबसे खराब और फिसड्डी रही
इस मूल्यांकन रिपोर्ट में पहाड़ी राज्यों की श्रेणी के तहत उत्तराखंड की स्थिति सबसे ज्यादा खराब दर्ज की गई है। वहां करीब 875 सड़क परियोजनाओं की जांच में 43 कार्य बेहद असंतोषजनक मिले। उत्तराखंड में खराब सड़कों का यह आंकड़ा बढ़कर रिकॉर्ड 12.32 प्रतिशत के उच्च स्तर पर पहुंच गया है।
केंद्र सरकार द्वारा जारी पहाड़ी राज्यों की सड़कों की गुणवत्ता से जुड़ी यह विस्तृत समीक्षा रिपोर्ट काफी महत्वपूर्ण है। यह डेटा अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक की अवधि के दौरान किए गए जमीनी निरीक्षण पर आधारित है। हिमाचल ने अपनी बेहतर कार्यप्रणाली से अन्य पहाड़ी राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।

