Delhi News: दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट पर फर्जी भारतीय कागजातों के सहारे विदेश जाने की कोशिश करने वाले विदेशियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। वर्ष 2026 के शुरुआती छह महीनों में ही सुरक्षा एजेंसियों ने एयरपोर्ट पर 36 से ज्यादा ऐसे विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। आंकड़ों के मुताबिक, हर पांचवें दिन एक जालसाज पकड़ा जा रहा है।
सुरक्षा और जांच एजेंसियों की तफ्तीश में एक बेहद शातिर और संगठित सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है। यह गिरोह भारत आने वाले बाहरी लोगों के लिए सबसे पहले दिल्ली में फर्जी लोकल एड्रेस का इंतजाम करता है। इसके बाद जालसाज फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट और डोमिसाइल सर्टिफिकेट तैयार करके भारतीय पासपोर्ट, वोटर आईडी और पैन कार्ड जैसे सरकारी दस्तावेज बनवा लेते हैं।
IGI Airport पर फर्जी पासपोर्ट रैकेट का हुआ बड़ा खुलासा
इस पूरे फर्जीवाड़े की जांच में एक चौंकाने वाला मोड़ भी सामने आया है। कुछ मामलों में वोटर आईडी कार्ड जारी कराने के लिए दिल्ली के एक मौजूदा विधायक के लेटरहेड का अवैध रूप से इस्तेमाल किया गया। इस खुलासे के बाद खुफिया तंत्र बेहद सतर्क हो गया है। हाल के दिनों में बांग्लादेश और अफगानिस्तान के कई नागरिकों को पकड़ा गया है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि नेपाल, श्रीलंका और अफ्रीकी देशों के नागरिक पहले लीगल वीजा पर भारत आते हैं। इसके बाद वे दलालों के नेटवर्क से संपर्क साधते हैं। दलाल मोटी रकम लेकर उनके भारतीय पहचान पत्र बना देते हैं। इन बढ़ते मामलों को देखते हुए इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने एयरपोर्ट पर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को पहले से ज्यादा सख्त कर दिया है।

