Lucknow News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की सुरक्षा प्रणाली को बेहद मजबूत बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सीएम योगी ने कहा कि किसी भी सुरक्षा बल की असली ताकत उसके अनुशासित और तकनीकी रूप से पूरी तरह दक्ष जवान होते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सुरक्षा बलों की प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक और तकनीक आधारित बनाने के कड़े निर्देश दिए हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह है कि आपातकालीन परिस्थितियों में हमारे जवान हर समय बेहद प्रभावी और त्वरित प्रतिक्रिया दे सकें।
सुरक्षा बलों के तकनीकी आधुनिकीकरण पर बड़ा फैसला
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को पीएसी, एसडीआरएफ और उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल के आधुनिकीकरण की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ये तीनों बल हमारी सुरक्षा व्यवस्था के मुख्य स्तंभ हैं। उन्होंने पीएसी बल का गणवेश सिविल पुलिस से अलग करने का निर्देश दिया।
आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग किया जाएगा। अब सभी पीएसी वाहनों में अनिवार्य रूप से जीपीएस और आधुनिक डैशकैम लगाए जा रहे हैं। सरकार जल्द ही एक एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र परियोजना शुरू करने जा रही है।
एआई निगरानी और महिला बटालियनों का तेजी से निर्माण
इस नई डिजिटल परियोजना के माध्यम से प्रदेश की सभी पीएसी वाहिनियों को एक मजबूत नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। पुलिस अब जीपीएस आधारित वाहन ट्रैकिंग, ड्रोन और एआई आधारित निगरानी प्रणाली का उपयोग करेगी। इससे कानून-व्यवस्था, चुनावी तैनाती और आपदा प्रबंधन में बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तीन विशेष महिला बटालियनों के निर्माण कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। बदायूं, लखनऊ और गोरखपुर में यह कार्य तेजी से चल रहा है। इन परिसरों में वीरांगनाओं की भव्य अश्वारोही प्रतिमाएं लगेंगी।
बाढ़ राहत और आपदा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता
आगामी मानसून सत्र को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा है। वर्तमान में विभिन्न नदी तटों पर पीएसी कंपनियों का विशेष बाढ़ राहत प्रशिक्षण चल रहा है। सीएम ने सभी जीवन रक्षक उपकरणों की नियमित जांच के निर्देश दिए।
एसडीआरएफ की टीमें इस समय संभावित बाढ़ प्रभावित इलाकों में तैनात हैं। इन कर्मियों को देश के विभिन्न प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थानों में विशेष आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने खोज कार्यों के लिए आधुनिक ह्यूमन लिफ्टिंग ड्रोन का उपयोग करने की सलाह दी है।
महत्वपूर्ण सरकारी और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा होगी पुख्ता
उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल की जिम्मेदारी लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में यह बल प्रदेश के प्रमुख एयरपोर्ट, मेट्रो नेटवर्क, आरआरटीएस, लोकभवन और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की सुरक्षा का दायित्व संभाल रहा है। मुख्यमंत्री ने बल में राष्ट्रीय स्तर की सर्वोत्तम प्रणालियां अपनाने को कहा है।
यूपीएसएसएफ की विभिन्न वाहिनियों के निर्माण कार्यों की समीक्षा में पाया गया कि लखनऊ मुख्यालय का काम ७७ प्रतिशत पूरा हो चुका है। गोरखपुर, प्रयागराज, मथुरा और अयोध्या में भी काम जारी है। मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने का आदेश दिया।
Author: Ajay Mishra

