अग्निवीरों की बल्ले-बल्ले! 4 साल बाद पक्की नौकरी की गारंटी, अमित शाह ने सभी मुख्यमंत्रियों को भेजा यह कड़ा फरमान

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National News: भारतीय सेना में ‘अग्निवीर’ बनकर देश सेवा का सपना देखने वाले युवाओं के लिए एक बेहद शानदार खबर है। अब चार साल की सेवा के बाद उन्हें अपने भविष्य की चिंता नहीं सताएगी। केंद्र सरकार ने 2027 में रिटायर होने वाले पहले बैच के लिए पक्की नौकरी का बड़ा बंदोबस्त कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश के सभी मुख्यमंत्रियों को एक खास पत्र लिखा है। इसमें अग्निवीरों को राज्य सरकार की सरकारी नौकरियों में 20 प्रतिशत आरक्षण देने का सीधा निर्देश दिया गया है।

गृह मंत्रालय का राज्यों को 20 फीसदी कोटे का निर्देश

केंद्र सरकार का मानना है कि सेना के कड़े अनुशासन से निकले ये युवा राज्य की सुरक्षा के लिए बहुत काम आएंगे। इसी वजह से केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकारों के पाले में गेंद डाल दी है। गृह मंत्री अमित शाह ने पत्र के जरिए सभी राज्यों को अपनी सरकारी भर्तियों में अग्निवीरों के लिए 20 फीसदी कोटा तय करने की सख्त सिफारिश की है। इसका सीधा मतलब है कि पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों में अब अग्निवीरों की सीधी एंट्री होगी।

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इन सरकारी विभागों में खुलेंगे बंपर नौकरियों के द्वार

केंद्र सरकार ने उन खास विभागों की एक सूची भी तैयार की है जहाँ शारीरिक दक्षता और अनुशासन की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। अग्निवीरों को इन प्रमुख पदों पर नौकरी में विशेष वरीयता दी जाएगी:

  • पुलिस बल: राज्य पुलिस कांस्टेबल, घुड़सवार पुलिस और जेल वार्डन।
  • सुरक्षा और आपदा: फायरमैन, स्पेशल पुलिस ऑफिसर (SPO) और एसडीआरएफ (SDRF)।
  • पर्यावरण और संसाधन: माइनिंग गार्ड और वन विभाग के गार्ड।

हरियाणा और उत्तराखंड ने मारी बाजी, हिमाचल में भी हलचल

इस नई व्यवस्था को लागू करने में हरियाणा ने सबसे पहले बाजी मार ली है। हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है जिसने वर्दीधारी सेवाओं में आरक्षण लागू कर दिया है। देवभूमि उत्तराखंड ने भी पीछे न रहते हुए अपनी सरकारी सेवाओं में अग्निवीरों का कोटा घोषित कर दिया है। वहीं, ‘वीरभूमि’ कहे जाने वाले हिमाचल प्रदेश में भी इसे लेकर सरकारी हलचल काफी तेज हो गई है।

क्या सुक्खू सरकार लेगी कोई बड़ा फैसला?

हिमाचल प्रदेश का लगभग हर दूसरा परिवार सेना से सीधे जुड़ा है। राज्य के सैनिक कल्याण विभाग के निदेशक ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) मदनशील शर्मा ने एक बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय के निर्देशों पर एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करके प्रदेश सरकार को सौंप दी गई है। अब गेंद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार के पाले में है। अब देखना यह है कि राज्य सरकार इन युवाओं को मुख्यधारा में शामिल करने के लिए कितनी जल्दी मुहर लगाती है।

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