Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी कर्मचारियों के 24 जून से प्रस्तावित चक्का जाम पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने साफ किया है कि राज्य में आवश्यक सेवा रखरखाव कानून यानी एस्मा लागू है। किसी भी सूरत में परिवहन सेवाओं को बाधित नहीं होने दिया जाएगा। जनता की सुविधा के लिए सरकार नए चालकों और परिचालकों की भर्ती करने को भी तैयार है।
सरकार का सख्त संदेश, दबाव की राजनीति बर्दाश्त नहीं होगी
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कर्मचारी संगठनों को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार बातचीत के लिए हमेशा तैयार है। हालांकि, कुछ कर्मचारी नेताओं ने भाषा की मर्यादा भूलकर अनावश्यक बयानबाजी की है। इसी वजह से सरकार को यह कड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। एचआरटीसी प्रदेश की लाइफलाइन है, इसलिए दबाव की राजनीति को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
क्या है एस्मा कानून और नियम तोड़ने पर क्या होगी कार्रवाई
परिवहन विभाग के इस नए आदेश के बाद अब कोई भी कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं हो सकता है। यदि कोई कर्मचारी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सरकारी बसों के संचालन में बाधा डालता है, तो उसे गैरकानूनी माना जाएगा। नियम तोड़ने वाले डिफाल्टर कर्मचारियों पर तुरंत कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई होगी। सभी ड्राइवरों और कंडक्टरों को अपने सीनियर अधिकारियों के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद
इस पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी एचआरटीसी के मैनेजिंग डायरेक्टर को सौंपी गई है। वे हर जिले की रिपोर्ट सीधे सरकार को भेजेंगे। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जिलों के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षकों को तैनात किया गया है। पुलिस प्रशासन सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और बसों के रूट को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगा।

