गर्मियों में बादाम भिगोकर खाना क्यों है जरूरी? एक्सपर्ट्स से जानिए इसके पीछे का वैज्ञानिक तर्क

Gurugram News: भीषण गर्मी के मौसम में खान-पान का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। ड्राई फ्रूट्स में बादाम को सेहत के लिए सबसे उत्तम माना गया है, क्योंकि इसमें प्रोटीन, विटामिन-ई और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। हालांकि, बादाम की तासीर गर्म होने के कारण गर्मियों में इसका सेवन करने का तरीका बदल जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. अनुभव जैन के अनुसार, गर्मियों में बादाम को भिगोकर और छिलकर खाना पाचन तंत्र के लिए अधिक अनुकूल और सुरक्षित माना जाता है।

पाचन क्रिया को सुगम बनाते हैं भीगे हुए बादाम

गर्मियों के दौरान शरीर में ब्लोटिंग और एसिडिटी जैसी समस्याएं अक्सर बढ़ जाती हैं। डॉ. अनुभव जैन बताते हैं कि भिगोने से बादाम की बनावट नरम हो जाती है, जिससे वे आंतों के लिए हल्के हो जाते हैं। भीगे हुए बादामों को चबाना और पचाना बहुत आसान होता है। ल्यूसीन रिच बायो के डॉ. देबज्योति धर के अनुसार, यह प्रक्रिया गट हेल्थ और मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त रखने में सहायक होती है। रात भर पानी में भिगोने से बादाम की बाहरी परत पूरी तरह सॉफ्ट हो जाती है।

बादाम का छिलका उतारना क्यों है आवश्यक?

बादाम के छिलके में फाइटिक एसिड नामक एक तत्व होता है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में ‘एंटी-न्यूट्रिएंट’ कहा जाता है। डॉ. अनुभव जैन के मुताबिक, यह एसिड शरीर में आयरन और जिंक जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के अवशोषण में बाधा डाल सकता है। जब हम बादाम को भिगोकर उसका छिलका उतार देते हैं, तो ये पोषक तत्व शरीर को सीधे और बेहतर तरीके से मिलते हैं। छिलका हटाने से बादाम में मौजूद टैनिन भी निकल जाता है, जिससे पाचन की प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के पूरी होती है।

एनर्जी और ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मददगार

गर्मियों में शरीर का प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए ऊर्जा का स्थिर रहना जरूरी है। डॉ. देबज्योति धर बताते हैं कि कच्चे बादाम की तुलना में भीगे हुए बादाम पेट पर बहुत हल्के होते हैं। इनसे मिलने वाली ऊर्जा अचानक नहीं बढ़ती, बल्कि शरीर को लंबे समय तक स्थिर ऊर्जा प्रदान करती है। यह प्रक्रिया भीषण गर्मी के दौरान भी रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) के स्तर को संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिससे व्यक्ति को बार-बार थकान महसूस नहीं होती है।

गर्मियों में बादाम के सेवन की सही मात्रा

किसी भी पोषक तत्व का लाभ तभी मिलता है जब उसका सेवन संतुलित मात्रा में किया जाए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों के मौसम में एक स्वस्थ वयस्क को प्रतिदिन 4 से 6 भीगे हुए बादाम खाने चाहिए। इसके साथ ही आहार में फाइबर और तरल पदार्थों की पर्याप्त मात्रा शामिल करना भी आवश्यक है। डॉ. धर सलाह देते हैं कि गर्मियों का आहार हल्का और सुपाच्य होना चाहिए ताकि शरीर का नेचुरल बैलेंस बना रहे। सही मात्रा और सही तरीका ही बादाम के गुणों को सक्रिय करता है।

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