बदलते मौसम में जुकाम कितने दिन रहना है नॉर्मल? एक्सपर्ट से जानिए कब डॉक्टर के पास जाना है बेहद जरूरी!

Delhi News: बदलते मौसम और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immune System) के कारण सर्दी-जुकाम होना एक बेहद ही आम स्वास्थ्य समस्या है। सामान्य तौर पर बहती नाक, गले में खराश और हल्की खांसी जैसी दिक्कतों के बाद मानव शरीर धीरे-धीरे खुद ही इस वायरस से रिकवर होने लगता है। हालांकि, अधिकांश लोग अक्सर इस बात को लेकर काफी ज्यादा असमंजस में रहते हैं कि जुकाम का लंबे समय तक बने रहना नॉर्मल है या किसी बड़े खतरे का संकेत।

इस विषय पर देश के जाने-माने सीनियर कंसलटेंट डॉ. सैबल चक्रवर्ती का कहना है कि हर जुकाम की प्रकृति एक जैसी नहीं होती है। कुछ वायरल इंफेक्शन महज 5 से 7 दिनों के भीतर पूरी तरह ठीक हो जाते हैं। वहीं, कुछ मामलों में लंबे समय तक रहने वाला जुकाम किसी गंभीर एलर्जी, साइनस या फेफड़ों के इंफेक्शन का संकेत हो सकता है। इसलिए नॉर्मल जुकाम और परेशानी वाली स्थिति के बीच के अंतर को समझना बेहद जरूरी है।

जानिए कितने दिनों में ठीक होता है एक सामान्य जुकाम?

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, एक सामान्य जुकाम आमतौर पर शुरुआती 3 से 5 दिनों में बेहतर होना शुरू हो जाता है। इसके बाद लगभग 7 से 10 दिनों की अवधि में यह पूरी तरह से ठीक हो जाता है। कुछ मरीजों में जुकाम ठीक होने के बाद भी हल्की खांसी या शारीरिक कमजोरी अगले 2 हफ्तों तक बनी रह सकती है, जिसे डॉक्टरों के मुताबिक पूरी तरह से नॉर्मल माना जाता है और इसमें घबराने की बात नहीं होती।

लेकिन डॉ. सैबल चक्रवर्ती ने चेतावनी देते हुए बताया कि अगर आपका जुकाम 10 से 14 दिनों से ज्यादा समय तक लगातार बना रहता है और कम होने के बजाय बढ़ता जाता है, तो यह चिंता का विषय है। ऐसी स्थिति में मरीज को बिना समय गंवाए डॉक्टर से अपनी जांच करवानी चाहिए। इसके अलावा जुकाम के साथ तेज बुखार का आना केवल साधारण वायरल नहीं, बल्कि फ्लू, बैक्टीरियल इंफेक्शन या निमोनिया जैसी बीमारियों का लक्षण हो सकता है।

इन गंभीर लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

अगर जुकाम के साथ आपको सांस लेने में तकलीफ हो रही है, शरीर में ऑक्सीजन का स्तर कम हो रहा है या सीने से घरघराहट की आवाज आ रही है, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा लें। इसके अलावा, यदि लगातार गाढ़ा बलगम आ रहा हो, चेहरे और सिर में तेज दर्द बना हो, तो यह क्रोनिक साइनस का रूप ले सकता है। वहीं, 3 हफ्ते से ज्यादा रहने वाली खांसी अस्थमा या गंभीर एलर्जी की तरफ इशारा करती है।

कमजोर इम्यूनिटी के कारण छोटे बच्चों और बुजुर्गों में जुकाम बहुत जल्दी गंभीर रूप अख्तियार कर लेता है। अगर बच्चा अचानक खाना-पीना छोड़ दे, उसकी सांसें तेज चलने लगें, शरीर में सुस्ती और डिहाइड्रेशन बढ़ जाए, तो इसे बिल्कुल भी हल्के में न लें। जो लोग बार-बार जुकाम की चपेट में आते हैं, उनमें विटामिन की भारी कमी, कमजोर इम्यून सिस्टम, धूल-मिट्टी से एलर्जी या अत्यधिक स्मोकिंग करने जैसी आदतें मुख्य रूप से जिम्मेदार होती हैं।

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