Chamba News: हिमाचल प्रदेश के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग चंबा-धर्मशाला ने वाहन बीमा क्लेम खारिज करने के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। फोरम ने ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की दलीलों को खारिज करते हुए पीड़ित शिकायतकर्ता अनिल कुमार के हक में अंतिम फैसला दिया है।
बीमा राशि के साथ मानसिक प्रताड़ना का मुआवजा भी मिलेगा
उपभोक्ता आयोग ने ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को 1,16,418 रुपये की पूरी क्लेम राशि का तुरंत भुगतान करने के आदेश दिए हैं। कंपनी को यह रकम शिकायत दर्ज होने की तारीख से 9% वार्षिक ब्याज के साथ देनी होगी। इसके अलावा मानसिक प्रताड़ना के लिए 10 हजार और अदालती खर्च के रूप में 7,500 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।
फोरम के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य आरती सूद और नारायण ठाकुर की बेंच ने यह अहम आदेश चंबा के सातैन निवासी अनिल कुमार की अर्जी पर दिया है। अनिल ने अपनी गाड़ी के एक्सीडेंट के बाद कंपनी द्वारा क्लेम रिजेक्ट करने के खिलाफ आयोग में लीगल पिटीशन फाइल की थी।
भरमौर क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था बोलेरो वाहन
केस की फाइलों के अनुसार, अनिल कुमार की महिंद्रा बोलेरो कैंपर गाड़ी का इंश्योरेंस ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी के पास रजिस्टर्ड था। इसकी वैलिडिटी 11 मार्च 2022 से 10 मार्च 2023 तक थी। इसी बीच, 24 दिसंबर 2022 को भरमौर इलाके में यह कमर्शियल वाहन अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
गाड़ी के मालिक ने तुरंत लोकल पुलिस स्टेशन और इंश्योरेंस कंपनी के ऑफिस में एक्सीडेंट की लिखित सूचना दे दी थी। उन्होंने सभी जरूरी लीगल डॉक्यूमेंट्स के साथ क्लेम फाइल किया था। इसके बावजूद कंपनी मैनेजमेंट ने लंबे समय तक केस अटकाए रखा और बाद में क्लेम रिक्वेस्ट को पूरी तरह रिजेक्ट कर दिया।
सर्वियर की फाइनल असेसमेंट रिपोर्ट बनी फैसले का आधार
बीमा कंपनी ने कोर्ट में दलील दी कि हादसे के वक्त तय लिमिट से ज्यादा लोग गाड़ी में बैठे थे। इसके अलावा ड्राइवर के पास कमर्शियल व्हीकल चलाने का वैलिड ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। कंपनी के अनुसार, पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन होने की वजह से ही उन्होंने यह गाड़ी का इंश्योरेंस क्लेम देने से मना किया था।
पूरी सुनवाई के बाद आयोग ने पाया कि कंपनी के अपने ऑफिशियल सर्वियर ने गाड़ी के नुकसान का कुल असेसमेंट 1,16,418 रुपये किया था। कोर्ट ने कहा कि सर्वियर की रिपोर्ट को गलत साबित करने के लिए कंपनी कोई सॉलिड प्रूफ पेश नहीं कर सकी। इसलिए क्लेम रोकना सर्विस में कमी का साफ मामला है।

