Shimla News: शिमला की एपीजी यूनिवर्सिटी ने नेक्स्टजेन के साथ मिलकर कैंपस से एक बड़े अभियान की शुरुआत की है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों के लिए 34 दिवसीय काउंसलिंग जागरूकता कारवां को हरी झंडी दिखाई। इस विशेष पहल का मुख्य उद्देश्य हिमाचल प्रदेश के युवाओं को सही करियर गाइडेंस और उच्च शिक्षा के प्रति जागरूक करना है।
यह अनूठा कारवां अगले 34 दिनों तक हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग जिलों का दौरा करेगा। इस दौरान यह टीम छात्रों और उनके माता-पिता से सीधा संवाद करेगी। यह अभियान कॉलेज में एडमिशन लेने और भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लेने में युवाओं की हर संभव सहायता करेगा।
छात्रों को मिलेंगे नए करियर विकल्प और स्कॉलरशिप
इस राज्यव्यापी अभियान के दौरान युवाओं को आज के नए करियर विकल्पों के बारे में बताया जाएगा। इसके साथ ही टीम विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार की स्कॉलरशिप, स्किल डेवलपमेंट और रोजगार आधारित शिक्षा की पूरी जानकारी देगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को आगे बढ़ने का समान अवसर मिलेगा।
विश्वविद्यालय की एडमिशन डायरेक्टर उषा चौहान ने बताया कि यह काउंसलिंग कारवां प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि आज के कड़े कॉम्पिटिशन के दौर में छात्रों को इंडस्ट्री की जरूरतों के मुताबिक तैयार करना बेहद जरूरी है। यह सफर युवाओं को सही रास्ता दिखाने में मदद करेगा।
सीटीपीएल के असिस्टेंट डायरेक्टर गुरकिरपाल सिंह ने इस मौके पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य लक्ष्य कॉलेज की पढ़ाई और कॉर्पोरेट जगत के बीच की दूरी को मिटाना है। इसके माध्यम से छात्र जॉब मार्केट की बदलती मांगों को आसानी से समझ सकेंगे।
यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट ने कहा कि यह कदम क्वालिटी एजुकेशन और बेहतर गाइडेंस के जरिए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की एक कोशिश है। यह 34 दिनों का सफर राज्य के हजारों छात्र-छात्राओं और अभिभावकों से जुड़ेगा। इससे उनके बेहतर और सुरक्षित भविष्य का निर्माण करने में मदद मिलेगी।

