Business News: होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य झड़प की खबरों ने भारतीय शेयर बाजार को हिला दिया है। वैश्विक तनाव के चलते शुक्रवार को घरेलू बाजार भारी गिरावट के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 400 अंक तक लुढ़क गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 120 अंकों की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है। भू-राजनीतिक अस्थिरता ने निवेशकों की धारणा को बुरी तरह प्रभावित किया है।
बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में बिकवाली का दबाव
बाजार में चारों तरफ बिकवाली का माहौल देखा जा रहा है। विशेष रूप से सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में 0.5% की गिरावट दर्ज की गई है। इसके अलावा तेल और गैस, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा और धातु सेक्टर भी दबाव में नजर आ रहे हैं। महिंद्रा एंड महिंद्रा, एक्सिस बैंक और कोल इंडिया जैसे प्रमुख शेयरों में गिरावट आई है। मिडकैप इंडेक्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है, जबकि स्मॉलकैप में मामूली बढ़त दिखी है।
आईटी और फार्मा सेक्टर ने संभाली थोड़ी बढ़त
बाजार की इस गिरावट के बीच कुछ क्षेत्रों में खरीदारी भी देखने को मिली है। कैपिटल गुड्स, आईटी, मीडिया और फार्मा सेक्टर के इंडेक्स गिरावट से बचने में सफल रहे। निफ्टी के भीतर टाटा कंज्यूमर, एशियन पेंट्स और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई है। टेक महिंद्रा और विप्रो भी हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं। हालांकि, वैश्विक अनिश्चितता के कारण बाजार में अस्थिरता अभी कुछ समय तक बनी रह सकती है।
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
शेयर बाजार में गिरावट की मुख्य वजह कच्चे तेल की सप्लाई चेन में व्यवधान का डर है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है। विशेषज्ञों का मानना है कि तनाव बढ़ने पर महंगाई और ब्याज दरों पर इसका बुरा असर पड़ सकता है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार की मौजूदा उथल-पुथल को देखते हुए सावधानी बरतें। सुरक्षित माने जाने वाले गोल्ड और डिफेंस सेक्टर के शेयरों पर बाजार की नजर बनी हुई है।


