Ayodhya News: राम मंदिर के चढ़ावा चोरी और भ्रष्टाचार के आरोपों के मामले में जांच तेज हो गई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व इंजीनियर दीनानाथ वर्मा सोमवार को विशेष जांच दल (एसआइटी) के सामने पेश हो सकते हैं। उन्होंने ट्रस्टी डॉ. अनिल कुमार मिश्र पर 40 प्रतिशत कमीशनखोरी का बेहद गंभीर आरोप लगाया था।
सूत्रों के मुताबिक एसआइटी ने इंजीनियर दीनानाथ वर्मा से संपर्क कर उन्हें अपना बयान दर्ज कराने के लिए अयोध्या बुलाया था। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए वर्मा ने पहले जांच टीम के सामने आने से साफ मना कर दिया था। हालांकि अब पुलिस प्रशासन से पुख्ता सुरक्षा आश्वासन मिलने के बाद उनकी उपस्थिति की पूरी संभावना जताई जा रही है।
पूर्व इंजीनियर वर्मा ने आरोप लगाया था कि डॉ. अनिल मिश्र मंदिर निर्माण के शुरुआती दिनों से ही निर्माण सामग्री के हर बिल में 40 फीसदी कमीशन लेते थे। वर्मा के अनुसार यह चौंकाने वाली जानकारी उन्हें ट्रस्ट कार्यालय में एल्युमिनियम का काम करने वाले वेंडर रवि गुप्ता ने खुद दी थी।
फेसबुक लाइव आकर आरोपों का खंडन
इस पूरे मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब वेंडर रवि गुप्ता ने शुक्रवार को अचानक फेसबुक पर लाइव आकर इन सभी आरोपों का पूरी तरह खंडन कर दिया। रवि गुप्ता ने कहा कि उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। इस खंडन के बावजूद एसआइटी मामले की तह तक जाने के लिए दीनानाथ वर्मा का बयान दर्ज करना चाहती है।
एसआइटी इस हाई-प्रोफाइल मामले में हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। आठ जून को मीडिया के सामने आकर सनसनीखेज बयान देने वाले ट्रस्ट के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह पर भी पुलिस की नजर है। संभावना जताई जा रही है कि महिपाल सिंह को भी जल्द ही एसआइटी के सामने पेश होकर अपना आधिकारिक बयान दर्ज कराना होगा।
अयोध्या पुलिस और एसआइटी की टीमें इस मामले से जुड़े हर दस्तावेज को खंगाल रही हैं। मंदिर ट्रस्ट के भीतर से उठे इन आरोपों ने पूरे देश का ध्यान खींचा है। जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि इन आरोपों में कितनी सच्चाई है या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा तो नहीं है।
Author: Ajay Mishra


