जजों को जान से मारने की धमकी के बाद एक्शन में हाईकोर्ट, हिमाचल सरकार से मांगी जजों की सुरक्षा पर रिपोर्ट

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य में हथियारबंद बदमाशों द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाली घटनाओं पर कड़ा संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इस गंभीर मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने जजों की सुरक्षा पर हलफनामा मांगा है।

हमीरपुर जिला अदालत परिसर में लोडेड बंदूक के साथ घुसा था बदमाश

यह पूरा मामला हमीरपुर जिला अदालत परिसर में हुई एक बेहद खतरनाक घटना से जुड़ा है। वहां 25 मई 2026 को एक सिरफिरा व्यक्ति लोडेड हथियार लेकर सीधे कोर्ट रूम की तरफ बढ़ गया था। उसने बंदूक का लॉक खोलकर सरेआम वकीलों और न्यायाधीशों को जान से मारने की धमकी दी थी।

अदालत परिसरों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने पर उठे सवाल

हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से पूछा कि जिला अदालतों में स्थाई सुरक्षा घेरा क्यों नहीं बनाया गया। हमीरपुर की रिपोर्ट के मुताबिक वहां आठ अलग-अलग कोर्ट चल रहे हैं। इसके बावजूद वहां सुरक्षा के नाम पर केवल एक महिला पुलिसकर्मी और एक होमगार्ड की तैनाती की गई थी।

पुलिस महानिदेशक को सभी जिलों से रिपोर्ट लेकर हलफनामा देने के आदेश

मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बी सी नेगी की खंडपीठ ने पुलिस महानिदेशक को कड़े निर्देश जारी किए हैं। वह सभी जिलों के पुलिस कप्तानों से विस्तृत रिपोर्ट एकत्र करेंगे। इसके बाद जजों के सरकारी आवासों और कोर्ट परिसरों की सुरक्षा स्थिति पर एक संयुक्त हलफनामा दाखिल करेंगे।

संवेदनशील मामलों की सुनवाई करने वाले जजों की सुरक्षा सर्वोपरि

उच्च न्यायालय ने साफ कहा कि फांसी की सजा सुनाने वाले जजों के घरों पर चौबीस घंटे विशेष सुरक्षा रहनी चाहिए। वर्तमान में जजों के साथ तैनात सुरक्षाकर्मी रात के समय ड्यूटी पर नहीं होते हैं। अदालत ने अब इस बेहद गंभीर सुरक्षा मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को तय की है।

Reported By: Shilla Bhatia

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