Business News: खाड़ी देशों में पिछले 107 दिनों से जारी भीषण महायुद्ध का आखिरकार अंत हो गया है। अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक शांति समझौते का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है। इस बड़ी खबर के आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
युद्ध खत्म होने की घोषणा के तुरंत बाद वैश्विक तेल बाजार धड़ाम से नीचे गिर गया। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड का दाम 4.39 फीसदी की बड़ी गिरावट के साथ 81.15 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। वहीं ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स भी करीब 4 फीसदी टूटकर 84 डॉलर के नीचे पहुंच गया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने दी बधाई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ डील अब पूरी हो चुकी है। उन्होंने अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तुरंत हटाने का आदेश देते हुए दुनिया भर के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से तेल सप्लाई शुरू करने को कहा है।
ट्रंप ने दावा किया कि कई राष्ट्रपतियों ने ईरान के साथ शांति बनाने की कोशिश की, लेकिन सभी नाकाम रहे। आगामी शुक्रवार को इस ऐतिहासिक डील पर दोनों देशों के आधिकारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके तुरंत बाद समुद्र से बारूदी सुरंगें हटाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
खाड़ी देशों में शांति बहाल होने से दुनिया भर के निवेशकों ने राहत की सांस ली है। तेल सस्ता होने की खबरों से आज एशियाई शेयर बाजारों में जबरदस्त तेजी देखी गई। बाजार विशेषज्ञों को उम्मीद है कि कच्चा तेल सस्ता होने से वैश्विक महंगाई का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा।
क्या भारत में सस्ता होगा ईंधन
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई इस बड़ी गिरावट के बाद अब भारत में भी पेट्रोल और डीजल के दाम घटने की उम्मीदें जाग गई हैं। भारत अपनी जरूरत का करीब 85 फीसदी कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, इसलिए वैश्विक कीमतों का सीधा असर यहां पड़ता है।
यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह 85 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बनी रहती हैं, तो भारतीय तेल कंपनियां आम जनता को बड़ी राहत दे सकती हैं। आने वाले दिनों में देश के भीतर पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कटौती देखने को मिल सकती है।
Author: Rajesh Kumar


