Mumbai News: देश में स्मार्टफोन की लगातार बढ़ती कीमतों ने अब आम उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। इसके चलते भारतीय मोबाइल बाजार में बिक्री के मोर्चे पर एक बड़ा और बेहद चौंकाने वाला संकट खड़ा हो गया है।
देशभर के प्रमुख रिटेलरों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस साल मई महीने में मोबाइल फोन की कुल बिक्री में सालाना आधार पर करीब 30 से 35 प्रतिशत की ऐतिहासिक और रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है। इस बड़ी गिरावट से पूरा बाजार सहमा हुआ है।
नवंबर 2025 से कंपनियां लगातार बढ़ा रही हैं दाम
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर मेमरी चिप की लागत में लगातार भारी बढ़ोतरी हो रही है। इस बढ़ते खर्च की भरपाई करने के लिए ही तमाम मोबाइल निर्माता कंपनियां नवंबर 2025 से हैंडसेट्स की कीमतों में लगातार इजाफा कर रही हैं।
वर्तमान में देश के भीतर कुल स्मार्टफोन बिक्री का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा ऑफलाइन रिटेल स्टोर्स के पास है। इसके अलावा बाकी 40 प्रतिशत बिक्री ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के जरिए होती है। कीमतों में इस अप्रत्याशित बढ़ोतरी के कारण दोनों ही माध्यमों की बिक्री बुरी तरह प्रभावित हुई है।
शिपमेंट में भारी गिरावट का अनुमान: काउंटरपॉइंट रिसर्च
मशहूर ट्रैकिंग एजेंसी काउंटरपॉइंट रिसर्च के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस साल मई में स्मार्टफोन के शिपमेंट में सालाना आधार पर 15 से 20 प्रतिशत की भारी मंदी देखी गई है। जून के महीने में भी बाजार में इसी तरह की कमजोरी और मंदी बने रहने की पूरी आशंका है।
साल 2026 की पहली तिमाही के दौरान मोबाइल शिपमेंट में गिरावट का यह स्तर महज 3 प्रतिशत के आसपास रहा था। हालांकि, अब कयास लगाए जा रहे हैं कि चालू साल की दूसरी तिमाही में यह गिरावट का आंकड़ा बढ़कर 15 प्रतिशत के पार पहुंच सकता है।
इस नई रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी से मई के बीच स्मार्टफोन की औसत बिक्री कीमत (ASP) में कुल 20 प्रतिशत का बड़ा उछाल आया है। यह बढ़ोतरी पिछले साल हुई मूल्य वृद्धि के अतिरिक्त है, जिसने उपभोक्ताओं को नए फोन खरीदने से पूरी तरह पीछे धकेल दिया है।
जमीनी स्तर पर काम कर रहे रिटेलरों का साफ कहना है कि कंपनियों द्वारा दाम बढ़ाए जाने के बाद से कुछ खास मॉडलों और मामलों में ग्राहकों पर इसका कुल असर 40 से 45 प्रतिशत तक देखा जा रहा है। बाजार जल्द संभलने के आसार नहीं दिख रहे।
Author: Rajesh Kumar


