Delhi News: पेट्रोल या डीजल भरवाते समय अक्सर लोग सिर्फ फ्यूल मशीन के मीटर में शून्य (0) ही देखते हैं। हालांकि, पेट्रोल पंपों पर होने वाली गड़बड़ियों और ठगी से बचने के लिए सिर्फ इतना ही पर्याप्त नहीं है। सुरक्षित सफर और सही मात्रा में तेल पाने के लिए कुछ बेहद जरूरी तकनीकी बातों को जानना आपके लिए आवश्यक है।
अक्सर वाहन चालक अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे उनकी जेब पर तो असर पड़ता ही है, साथ ही सुरक्षा से समझौता भी हो जाता है। आइए जानते हैं कि जब आप अगली बार अपनी गाड़ी में ईंधन भरवाने जाएं, तो आपको किन महत्वपूर्ण बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
राउंड फिगर और डेंसिटी से जुड़े भ्रम को दूर करना जरूरी
बहुत से लोग मानते हैं कि 110, 210 या 310 रुपये जैसे राउंड फिगर के बजाय अलग अंकों में पेट्रोल भरवाने से ठगी नहीं होती। एक्सपर्ट्स के अनुसार यह धारणा बिल्कुल गलत है। सबसे जरूरी है कि आप मशीन की लाइव रीडिंग पर नजर रखें और तेल की शुद्धता यानी उसकी डेंसिटी (घनत्व) की जांच करें।
पेट्रोल भरने से पहले मशीन की स्क्रीन पर डेंसिटी जरूर चेक करें। मानकों के मुताबिक, पेट्रोल की सही डेंसिटी 720 से 775 किलोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर के बीच होनी चाहिए। वहीं, डीजल की डेंसिटी 820 से 860 के बीच सही मानी जाती है। यदि रीडिंग इससे कम या ज्यादा है, तो तेल में मिलावट हो सकती है।
मीटर की रफ्तार और सुरक्षा नियमों का रखें पूरा ध्यान
फ्यूल भरवाते समय मशीन का मीटर हमेशा धीरे-धीरे और एक तय क्रम में आगे बढ़ना चाहिए। अगर डिजिटल मीटर की रीडिंग अचानक छलांग लगाकर सीधे 10, 15 या 20 पर पहुंच जाती है, तो समझ जाएं कि मशीन की सेटिंग में कोई दिक्कत है। ऐसे संदिग्ध पेट्रोल पंपों पर तुरंत सतर्क हो जाएं और शिकायत दर्ज कराएं।
ईंधन भरवाते समय हमेशा अपनी गाड़ी का इंजन पूरी तरह बंद रखें। चालू इंजन में स्पार्किंग के कारण आग लगने का गंभीर खतरा रहता है। तेल भरवाते समय गाड़ी का सेल्फ स्टार्ट न दबाएं और न ही किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक फीचर का उपयोग करें। सुरक्षा के लिहाज से यह बेहद संवेदनशील कदम है।
स्मार्टफोन का इस्तेमाल और ड्राइविंग स्टाइल भी है अहम
आजकल डिजिटल पेमेंट का चलन बढ़ गया है, लेकिन फोन से भुगतान करते समय मोबाइल को फ्यूल मशीन और नोजल से उचित दूरी पर ही रखें। फोन को चार्जिंग या पावर बैंक से जोड़कर कभी इस्तेमाल न करें। जैसे ही आपका ऑनलाइन ट्रांजैक्शन पूरा हो जाए, मोबाइल को तुरंत जेब या बैग में सुरक्षित रख लें।
आपकी सही ड्राइविंग स्टाइल भी ईंधन की भारी बचत कर सकती है। अगर आप सड़क पर 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की नियत स्पीड में गाड़ी चलाते हैं, तो गाड़ी का माइलेज काफी बेहतर मिलता है। बार-बार अचानक ब्रेक लगाने, तेज एक्सीलेटर देने और अनावश्यक ओवरटेक करने से पेट्रोल-डीजल की खपत बहुत तेजी से बढ़ती है।
Author: Karan Kumar


