Aadhaar PDF Alert: मैसेजिंग ऐप्स पर आधार कार्ड शेयर करने की भूल न करें, खाली हो सकता है बैंक अकाउंट!

Delhi News: आजकल आम लोग बिना सोचे-समझे किसी भी मैसेजिंग ऐप पर अपने आधार कार्ड की ओरिजिनल पीडीएफ (PDF) फाइल शेयर कर देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, आपकी यह छोटी सी लापरवाही आपको बहुत बड़ी मुसीबत में डाल सकती है। इस फाइल में आपकी बेहद निजी जानकारियां मौजूद होती हैं।

शातिर जालसाज इस चुराए गए डेटा का गलत इस्तेमाल करके आपकी पहचान चुरा सकते हैं। इसके बाद वे आपके नाम पर वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम दे सकते हैं। डिजिटल सुरक्षा के इस दौर में अब भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के रिकॉर्ड्स को हर हाल में सुरक्षित रखना अनिवार्य हो गया है।

आपके डिजिटल आधार कार्ड में एक विशेष क्यूआर (QR) कोड होता है। इस कोड में आपकी कई संवेदनशील जानकारियां छिपी होती हैं। साइबर हैकर्स इसके जरिए पहचान वेरिफिकेशन के कई कड़े स्टेप्स को आसानी से पार कर लेते हैं। आजकल इस डेटा के जरिए फर्जी लोन लेने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

अनमास्क्ड आधार शेयर करने के बड़े खतरे और सिम स्वैपिंग

आजकल के शातिर ठग आधार की पूरी डिटेल्स का इस्तेमाल करके ‘सिम स्वैपिंग’ जैसी खतरनाक तकनीक अपनाते हैं। इसके जरिए वे बहुत चालाकी से आपके मोबाइल नंबर पर पूरा कंट्रोल पा लेते हैं। एक बार फोन नंबर हैक होने के बाद वे आपके बैंक अकाउंट को भी आसानी से साफ कर देते हैं।

अगर आपकी ओरिजिनल पीडीएफ फाइल एक बार लीक हो गई, तो वह इंटरनेट की दुनिया में हमेशा के लिए मौजूद रह सकती है। इससे आप भविष्य में कभी भी बड़े फिशिंग अटैक का शिकार हो सकते हैं। इसलिए अपनी पहचान साबित करने के लिए हमेशा केवल ‘मास्क्ड आधार’ का ही इस्तेमाल करें।

मास्क्ड आधार और फुल आधार पीडीएफ में मुख्य अंतर

इन दोनों में सुरक्षा के स्तर को लेकर एक बहुत बड़ा अंतर होता है। फुल आधार पीडीएफ में आपके कार्ड के सभी 12 अंक साफ दिखाई देते हैं, जिससे प्राइवेसी का स्तर काफी कम हो जाता है। वहीं दूसरी तरफ, मास्क्ड आधार में सुरक्षा का स्तर बेहद हाई होता है और यह पूरी तरह से सुरक्षित माना जाता है।

मास्क्ड आधार कार्ड में आपके नंबर के शुरुआती आठ अंक पूरी तरह से छिपे होते हैं। इसमें केवल आखिरी के 4 अंक ही दिखाई देते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि कानूनी मान्यता के मामले में यह सामान्य आधार की तरह ही एयरपोर्ट से लेकर होटलों तक पूरे भारत में हर जगह पूरी तरह मान्य है।

डेटा सुरक्षित रखने के लिए यूआईडीएआई (UIDAI) के खास टिप्स

आप मास्क्ड आधार को यूआईडीएआई की आधिकारिक वेबसाइट से बहुत आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं। यह छोटा सा सुरक्षा बदलाव आपके डेटा के गलत इस्तेमाल के खतरे को पूरी तरह खत्म कर देता है। इसके अलावा आप आधार के आधिकारिक मोबाइल ऐप के जरिए ‘बायोमेट्रिक लॉक’ फीचर का भी उपयोग कर सकते हैं।

यह आधुनिक टूल हैकर्स को आपकी अनुमति के बिना फिंगरप्रिंट या आईरिस ऑथेंटिकेशन करने से पूरी तरह रोकता है। आपको समय-समय पर अपनी ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री भी ऑनलाइन चेक करते रहना चाहिए। साथ ही, जब भी कोई पहचान पत्र शेयर करें, तो उस पर वाटरमार्क के जरिए उसका मुख्य उद्देश्य जरूर लिख दें।

Author: Gaurav Malhotra

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