सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर हुए जानलेवा हमले से देश की राजनीति में भूचाल, एकजुट हुआ विपक्ष, भाजपा बैकफुट पर

West Bengal News: पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के काफिले पर हुए हिंसक हमले ने देश की सियासत गरमा दी है। इस घटना के बाद विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक पूरी तरह एकजुट नजर आ रहा है।

विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद टीएमसी लगातार बड़े राजनीतिक दबाव का सामना कर रही थी। माना जा रहा था कि राष्ट्रीय राजनीति में अब पार्टी का दबदबा काफी कम हो गया है। हालांकि इस हमले ने पूरी तस्वीर बदल दी है।

सोनारपुर की घटना के बाद कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी जैसी बड़ी ताकतों ने खुलकर ममता बनर्जी का समर्थन किया है। इसके साथ ही तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

सोनारपुर में आखिर कैसे बिगड़े हालात?

टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी दक्षिण चौबीस परगना के सोनारपुर में पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे थे। हालिया हिंसा में टीएमसी के कुछ कार्यकर्ताओं की मौत हुई थी। इसी दौरान उनके काफिले को उग्र भीड़ ने चारों तरफ से घेर लिया।

इसके बाद अचानक स्थिति हिंसक हो गई और भीड़ की तरफ से पत्थर, अंडे और जूते फेंके जाने लगे। सोशल मीडिया पर आए वीडियो में अभिषेक बनर्जी को हिंसक भीड़ के बीच फंसा हुआ साफ देखा जा सकता है।

सुरक्षाकर्मियों ने बेहद सूझबूझ दिखाते हुए उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला और सुरक्षा के लिए हेलमेट पहनाया। इस अफरातफरी के बीच सांसद की शर्ट भी फटी हुई दिखाई दी। इस हमले से पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

ममता बनर्जी ने लगाया बड़ी साजिश का आरोप

घटना के तुरंत बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीधे बीजेपी पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश है। इसके जरिए विपक्षी नेताओं को डराने की कोशिश की जा रही है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि एक बड़े विपक्षी नेता की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बहुत चिंताजनक और खतरनाक संकेत है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने खुद फोन करके ममता बनर्जी से बात की है। राहुल गांधी ने अभिषेक बनर्जी की सेहत को लेकर चिंता जताई। उन्होंने जरूरत पड़ने पर बेहतर इलाज के लिए तेलंगाना भेजने की पेशकश भी की।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने घेरा

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस हमले को विपक्षी आवाजों को दबाने की गंभीर साजिश बताया है। वहीं अरविंद केजरीवाल और तेजस्वी यादव ने भी कहा कि मजबूत विपक्ष को इस तरह डराना पूरी तरह गलत है।

दूसरी तरफ बीजेपी ने इन सभी गंभीर आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि इस घटना से उनकी पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है। यह टीएमसी के प्रति जनता का स्वाभाविक गुस्सा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सोनारपुर की इस घटना ने इंडिया ब्लॉक को एक बार फिर संजीवनी दे दी है। चुनाव के बाद बिखरा नजर आ रहा विपक्ष अब टीएमसी के साथ मजबूती से खड़ा दिखाई दे रहा है।

Author: Sourav Banerjee

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