West Bengal News: पश्चिम बंगाल की सबसे चर्चित नंदीग्राम विधानसभा सीट पर एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल आ गया है। इस बार आम जनता उन्नयन पार्टी के उम्मीदवार शाहिदुल हक ने तृणमूल कांग्रेस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद राज्य से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मच गया है।
वोटरों को लुभाने के लिए बंटे कैश के लिफाफे
शाहिदुल हक का दावा है कि टीएमसी ने बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी को हराने के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट बनाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान आई-पैक और टीएमसी कार्यकर्ताओं ने हर घर में कैश से भरे लिफाफे पहुंचाए। इन लिफाफों में मतदाताओं को देने के लिए भारी नकदी रखी गई थी।
नंदीग्राम के मतदाताओं ने ऐसे पलटा पूरा खेल
हक ने आगे कहा कि नंदीग्राम की समझदार जनता ने टीएमसी प्रत्याशी पवित्र कार और अभिषेक बनर्जी के लोगों से पैसे तो ले लिए, लेकिन वोट बीजेपी को ही दिया। जनता ने राज्य में एक साफ-सुथरी सरकार बनाने के लिए सुवेंदु अधिकारी को चुना। उन्होंने इस जागरूकता के लिए वहां के मतदाताओं की तारीफ की।
चुनाव में विदेशी फंडिंग और पाकिस्तान कनेक्शन का दावा
एजेयूपी उम्मीदवार ने इस पैसे के सोर्स को लेकर देश की सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद डरावना दावा किया है। उनका कहना है कि नंदीग्राम में पानी की तरह बहाया गया पैसा वैध नहीं था। यह भारी-भरकम रकम हवाला के जरिए सीधे बांग्लादेश, पाकिस्तान और अन्य विदेशी मुल्कों से भारत भेजी गई थी।
अभिषेक बनर्जी की गिरफ्तारी और केंद्रीय जांच की मांग
इस पूरे मामले को देश के खिलाफ बड़ी साजिश बताते हुए हक ने केंद्रीय जांच एजेंसियों से कड़े एक्शन की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस काले धन के असली सोर्स का पता लगाने के लिए ईडी और सीबीआई को तुरंत जांच शुरू करनी चाहिए। साथ ही मुख्य सूत्रधार अभिषेक बनर्जी को तुरंत गिरफ्तार करना चाहिए।
Author: Sourav Banerjee


