पेट्रोल-डीजल ने दिया तगड़ा झटका! 4 साल बाद रातों-रात इतने बढ़े दाम, ईरान युद्ध से भारत में मचा हाहाकार

Delhi News: केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल के एक्सपोर्ट पर टैक्स नियमों में बड़ा बदलाव किया है। इसके साथ ही, आम आदमी को महंगाई का बड़ा झटका लगा है। ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से देश में पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम बढ़ गए हैं।

चार साल से अधिक समय बाद तेल कंपनियों ने ईंधन की कीमतों में बड़ा इजाफा किया है। पांच राज्यों में पेट्रोल और डीजल के दामों में तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। नई दिल्ली में अब पेट्रोल 97.77 रुपये और डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।

ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम लगातार आसमान छू रहे हैं। इसी वजह से तेल कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था। इस नुकसान की भरपाई के लिए सरकार और कंपनियों को मजबूरी में यह आर्थिक बोझ ग्राहकों पर डालना पड़ा।

एक्सपोर्ट ड्यूटी के नियमों में हुए प्रमुख बदलाव

घरेलू बाजार में कीमतों को नियंत्रित करने के साथ सरकार ने निर्यात कर में भी बदलाव किया है। वित्त मंत्रालय की ताजा अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर तीन रुपये प्रति लीटर की नई स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी लगाई गई है। इससे पहले पेट्रोल पर यह ड्यूटी बिल्कुल नहीं थी।

पेट्रोल पर टैक्स बढ़ाने के उलट सरकार ने अन्य ईंधनों पर राहत दी है। सरकार ने डीजल के एक्सपोर्ट पर एक्साइज ड्यूटी को 23 रुपये से घटाकर सीधा 16.50 रुपये कर दिया है। इसी तरह एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर भी यह टैक्स 33 रुपये से घटकर अब 16 रुपये रह गया है।

इससे पहले एक मई को भी सरकार ने डीजल और एटीएफ पर ड्यूटी में कुछ अहम बदलाव किए थे। आपको बता दें कि यह एक लचीला कर है। इसे सरकार मुख्य रूप से घरेलू कच्चे तेल और पेट्रोल जैसे निर्यात होने वाले पेट्रोलियम उत्पादों पर समय-समय पर लागू करती है।

Author: Rajesh Kumar

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