Jammu and Kashmir News: जम्मू-कश्मीर में दम तोड़ रहे आतंकवाद को फिर से जिंदा करने के नापाक इरादे से सीमा पार से घुसा लश्कर-ए-तैयबा का पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद उस्मान जट्ट उर्फ ‘चाइनीज’ सुरक्षा एजेंसियों के हत्थे चढ़ गया है। घाटी के बदलते और शांत हालात देखकर इस खूंखार आतंकी का पूरा नजरिया ही बदल गया।
पाकिस्तानी आतंकी शिविरों में भारत के खिलाफ जो जहर उगला गया था, जट्ट को हकीकत उससे बिल्कुल जुदा मिली। वह पिछले कई सालों से अपने झड़ते बालों की गंभीर समस्या से बेहद परेशान था। वह काफी समय से हेयर ट्रांसप्लांट कराना चाहता था, लेकिन उसे लगता था कि यह आधुनिक सुविधा केवल पश्चिमी देशों में ही उपलब्ध है।
श्रीनगर पहुंचने के बाद उसने आतंकी मंसूबों को किनारे रखकर गुपचुप तरीके से अपना हेयर ट्रांसप्लांट करवा लिया। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने रविवार को खुलासा किया कि लाहौर के रहने वाले इस प्रशिक्षित आतंकी को श्रीनगर पुलिस ने मार्च महीने में ही धर दबोचा था। उसके साथ लश्कर का पुराना आतंकी अब्दुल्ला उर्फ ‘अबू हुरैरा’ भी पकड़ा गया है।
श्रीनगर के नामी क्लिनिक में कई रातें गुजारीं
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, जट्ट भारत में घुसपैठ करने के बाद श्रीनगर की ऊंची पहाड़ियों में छिपा हुआ था। वहां उसकी मुलाकात जरगाम और अबू हुरैरा नाम के आतंकियों से हुई। जरगाम उसे श्रीनगर के एक स्थानीय दुकानदार के पास ले गया, जिसने शहर के ही एक क्लिनिक में उसका हेयर ट्रांसप्लांट कराने में मदद की।
इलाज के दौरान यह पाकिस्तानी आतंकी क्लिनिक में कई बार रातभर भी रुका था। अपना इलाज पूरा कराने के बाद वह एक यात्री वाहन में सवार होकर जम्मू के रास्ते पंजाब के मलेरकोटला पहुंच गया। वहां वह छिपकर अंग्रेजी सीखने और तुर्की के मशहूर टीवी शो देखने में अपना समय बिताने लगा।
एजेंसियों के मुताबिक, जट्ट भारत से सुरक्षित भागने के लिए फर्जी पासपोर्ट और अन्य जाली भारतीय दस्तावेज [Aadhaar Redacted] बनवाने की फिराक में था। कड़ी पूछताछ में उसकी निशानदेही पर श्रीनगर और उत्तर कश्मीर में सक्रिय लश्कर के ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) के एक बहुत बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है।
पंजाब में भी बड़ी आतंकी साजिश नाकाम, तीन गिरफ्तार
यह मामला सीधे तौर पर देश की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा होने के कारण गृह मंत्रालय ने इसकी जांच एनआईए को सौंप दी है। जट्ट को भारत में जम्मू-कश्मीर से बाहर अन्य राज्यों में लश्कर का स्लीपर सेल नेटवर्क तैयार करने की एक बेहद गोपनीय और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
दूसरी तरफ, पंजाब के गुरदासपुर में भी पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस ने बड़ी सफलता हासिल की है। गीता भवन रोड पर 27 अप्रैल की रात को एक दुकान के बाहर ग्रेनेड फेंकने के मामले में तीन स्थानीय युवकों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपियों से एक जिंदा हैंड ग्रेनेड भी बरामद हुआ है।
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जालंधर के अमरजीत सिंह, अमृतसर के कर्णजीत सिंह और सतनाम सिंह के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि ये तीनों आरोपी विदेशों में बैठे एक हैंडलर के निर्देश पर केवल पैसों के लालच में काम कर रहे थे।
Author: Muzaffar Bhat


