ईरान के शांति प्रस्ताव पर भड़के ट्रंप, इजरायल को मिले घातक हथियार, क्या छिड़ेगा महायुद्ध?

New Delhi News: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब बेहद खतरनाक स्तर पर है। होर्मुज स्ट्रेट विवाद खत्म करने के लिए ईरान ने शांति प्रस्ताव भेजा था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे तुरंत खारिज कर दिया है। ट्रंप के मुताबिक ईरान की शर्तें बिल्कुल मानने लायक नहीं हैं। अमेरिका ने इजरायल को घातक हथियारों की भारी खेप भेज दी है। संघर्ष के बाद ईरान फिर से अपनी सैन्य ताकत तेजी से बढ़ा रहा है। इन घटनाओं से खाड़ी क्षेत्र में बड़े युद्ध का खतरा काफी बढ़ गया है।

हथियारों का जखीरा और इजरायल की बढ़ती ताकत

अमेरिका लगातार अपने करीबी सहयोगी इजरायल को सैन्य रूप से मजबूत कर रहा है। पिछले चौबीस घंटों के भीतर अमेरिका ने इजरायल को पैंसठ सौ टन से ज्यादा हथियार भेजे हैं। इनमें हवाई और जमीनी हमलों के लिए जरूरी आधुनिक गोला-बारूद शामिल हैं। अट्ठाइस फरवरी के बाद से इजरायल को एक लाख पंद्रह हजार टन से अधिक सैन्य उपकरण मिल चुके हैं। कार्गो जहाजों और विमानों के जरिए हथियारों की यह आपूर्ति तेजी से की जा रही है। इसका मकसद किसी भी बड़े ईरानी हमले का करारा जवाब देना है।

ईरान की पलटवार की तैयारी और हथियारों की वापसी

दूसरी तरफ ईरान अमेरिकी हमलों का जवाब देने के लिए तेजी से तैयार हो रहा है। रिपोर्टों के अनुसार ईरान ने मलबे में दबे अपने हथियार भंडारों को बाहर निकालना शुरू कर दिया है। भारी बमबारी के बाद अमेरिका ने इन ठिकानों को नष्ट करने का दावा किया था। ईरान मौजूदा युद्धविराम का फायदा उठाकर अपने ड्रोन और मिसाइल नेटवर्क को दोबारा सक्रिय कर रहा है। अमेरिकी अधिकारियों को डर है कि ईरान जल्द ही कोई बड़ा और विनाशकारी सैन्य पलटवार पूरी ताकत के साथ कर सकता है।

ट्रंप प्रशासन का कड़ा रुख और व्हाइट हाउस की बैठक

व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में ट्रंप और शीर्ष सैन्य अधिकारियों की बैठक हुई। पैंतालीस मिनट की इस बैठक में ईरान पर हमले की नई रणनीतियों पर चर्चा हुई। सेंट्रल कमांड ने ट्रंप को कई गुप्त सैन्य विकल्प सुझाए हैं। इसमें बुनियादी ढांचे पर छोटे लेकिन ताकतवर हमले करना मुख्य रूप से शामिल है। होर्मुज स्ट्रेट के कुछ हिस्सों पर सैन्य कब्जा करने पर भी विचार हुआ। संवर्धित यूरेनियम स्टॉक को जब्त करने के लिए स्पेशल फोर्सेज का ऑपरेशन चलाने की नई रणनीति भी तैयार की गई।

खतरनाक डार्क ईगल मिसाइल के इस्तेमाल की पूरी तैयारी

अमेरिका पहली बार ईरान पर हाइपरसोनिक मिसाइल डार्क ईगल का इस्तेमाल कर सकता है। सेंट्रल कमांड ने ईरानी लांचरों को नष्ट करने के लिए इसकी मांग की है। यह घातक मिसाइल आवाज की गति से पांच गुना तेज उड़ान भरती है। किसी भी पारंपरिक एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इसे रोकना असंभव है। एक डार्क ईगल मिसाइल की अनुमानित कीमत करीब डेढ़ करोड़ डॉलर है। यह मिसाइल सत्ताईस सौ किलोमीटर दूर स्थित किसी भी लक्ष्य को पलक झपकते ही तबाह करने की भारी क्षमता रखती है।

ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय और युद्ध की आहट

खतरे को देखते हुए तेहरान में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिया गया है। संदिग्ध ड्रोन दिखने के बाद बीस मिनट तक सैन्य निगरानी रखी गई। उधर होर्मुज स्ट्रेट से अब तक पैंतालीस जहाजों को वापस लौटाया गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने फिलहाल संसद में युद्ध जारी रखने का प्रस्ताव टाल दिया है। ट्रंप का साफ कहना है कि संघर्ष अभी रुक गया है। लेकिन चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका तुरंत सैन्य कार्रवाई करेगा।

पाबंदी की चेतावनी और तेल की कीमतों में भारी गिरावट

अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने शिपिंग कंपनियों को कड़ी चेतावनी जारी की है। जो कंपनियां ईरान को टोल देंगी उन पर तुरंत सख्त अमेरिकी पाबंदी लगा दी जाएगी। यह पैसा परोपकार या दान के नाम पर भी नहीं दिया जा सकता है। वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची बातचीत के जरिए कूटनीति का रास्ता अपनाने को तैयार हैं। इन शांति प्रयासों की खबरों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें गिरकर एक सौ नौ डॉलर प्रति बैरल पर आ गई हैं।

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