मिडिल ईस्ट में महायुद्ध की आहट: अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर की बमबारी, बंद हुआ होर्मुज जलडमरूमध्य

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US Iran Conflict: मिडिल ईस्ट से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर आ रही है। अमेरिकी सेना ने बुधवार को ईरान के कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर भीषण हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बड़े सैन्य एक्शन की आधिकारिक पुष्टि की है।

ईरान की निरंतर आक्रामकता के खिलाफ अमेरिका का बड़ा एक्शन

अमेरिकी केंद्रीय कमान द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने ईरान के भीतर मौजूद कई रणनीतिक ठिकानों को अपना निशाना बनाया है। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने इस नवीनतम सैन्य अभियान को ईरान की तरफ से लगातार की जा रही अनुचित और अकारण आक्रामकता के करारे जवाब के रूप में बताया है।

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पेंटागन के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, ये सभी हमले पूरी तरह से आत्मरक्षा में और अमेरिकी हितों को सुरक्षित रखने के लिए किए गए हैं। हाल ही में ईरान द्वारा अमेरिकी सेना के एक आधुनिक एएच-64 (AH-64) अपाचे हेलिकॉप्टर को मार गिराए जाने की गंभीर घटना के बाद अमेरिका ने यह बेहद आक्रामक रुख अपनाया है।

राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के सीधे निर्देश पर शुरू हुआ सैन्य ऑपरेशन

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने साफ किया है कि ईरान के खिलाफ यह जवाबी कार्रवाई उनके कमांडर-इन-चीफ यानी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के सीधे और स्पष्ट निर्देशों के बाद ही शुरू की गई है। नष्ट किया गया अमेरिकी हेलिकॉप्टर घटना के समय रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नियमित गश्त पर था।

इस अमेरिकी हेलिकॉप्टर को गिराए जाने को व्हाइट हाउस ने बेहद गंभीरता से लिया था। राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अमेरिकी संपत्तियों पर किसी भी तरह का हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी कड़ी में अब अमेरिकी सेना ने ईरान के रडार सिस्टम, मिसाइल ठिकानों और कमांड सेंटरों पर बमबारी शुरू की है।

ईरान की जवाबी चेतावनी: जो भी जहाज गुजरेगा, उस पर चलाई जाएगी गोली

इस भीषण अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने भी बेहद सख्त और आक्रामक रुख अपना लिया है। ईरान के शीर्ष संयुक्त सैन्य कमान ने गुरुवार सुबह एक आपातकालीन घोषणा करते हुए वैश्विक व्यापार के जीवन रेखा माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को हर तरह के यातायात के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है।

ईरानी सेना ने साफ तौर पर कहा है कि इस प्रतिबंध के दायरे में अंतरराष्ट्रीय तेल टैंकर और सभी वाणिज्यिक जहाज भी शामिल होंगे। ईरान ने खुलेआम चेतावनी जारी की है कि इस समुद्री मार्ग को बंद किए जाने के बाद यदि किसी भी देश के जहाज ने वहां से गुजरने का प्रयास किया, तो उस पर सीधे गोली चलाई जाएगी।

वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल की कीमतों पर मंडराया बड़ा खतरा

ईरान ने अमेरिका द्वारा किए गए इन हवाई हमलों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी निंदा की है। दोनों महाशक्तियों के बीच जारी इस सीधे संघर्ष के कारण अब पूरे खाड़ी क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। दोनों ओर से लगातार मिसाइल हमले, आत्मघाती ड्रोन कार्रवाइयां और जवाबी जमीनी कार्रवाइयां तेज कर दी गई हैं।

  • होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति ठप होने का बड़ा खतरा पैदा हो गया है।
  • इस समुद्री रास्ते से दुनिया का लगभग बीस प्रतिशत कच्चा तेल और गैस का व्यापार होता है।
  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका है।
  • वैश्विक समुद्री व्यापार और जहाजों के बीमा की दरें भी इस युद्ध के कारण आसमान छू सकती हैं।

इस भयंकर संघर्ष का अब न केवल क्षेत्रीय बल्कि व्यापक वैश्विक प्रभाव पड़ना पूरी तरह तय माना जा रहा है। दुनिया भर के शेयर बाजारों और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हलकों में इस सैन्य टकराव को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की जा रही है। संयुक्त राष्ट्र भी इस मामले पर लगातार अपनी नजर बनाए हुए है।

Author: Shilla Bhatia

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