Uttar Pradesh News: चंदौली पुलिस ने 24 घंटे के भीतर तीन बेगुनाहों की जान लेने वाले एक खतरनाक साइको किलर को एनकाउंटर में मार गिराया है। अमृतसर निवासी गुरप्रीत नामक इस सनकी हत्यारे ने रविवार और सोमवार के बीच ट्रेन यात्रियों से लेकर अस्पताल में भर्ती महिला तक को निशाना बनाया था। पुलिस मुठभेड़ तब हुई जब आरोपी ने क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से वह मौके पर ही ढेर हो गया।
दो अलग-अलग ट्रेनों में यात्रियों को बनाया निशाना
सीरियल किलर ने रविवार सुबह पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से चलने वाली पैसेंजर ट्रेन में मंगरू नामक यात्री की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके तुरंत बाद रेलवे ट्रैक पर उसका शव फेंक दिया गया। वारदात यहीं नहीं रुकी और रविवार रात जम्मूतवी एक्सप्रेस में दिनेश साहू के सिर में गोली मारकर उसे मौत के घाट उतार दिया गया। इन दोनों हत्याओं ने जीआरपी और स्थानीय पुलिस प्रशासन के होश उड़ा दिए थे। जांच एजेंसियां इन कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर ही रही थीं।
अस्पताल में घुसकर महिला की हत्या और आरोपी की गिरफ्तारी
तीसरी वारदात सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे चंदौली के कमलापुर गांव में हुई। यहां एक निजी अस्पताल में भर्ती लक्ष्मीना देवी को गुरप्रीत ने गोली मार दी। हालांकि इस बार स्थानीय लोग सक्रिय हो गए और भागते हुए आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और हत्यारे को हिरासत में लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी का किसी भी मृतक से कोई पूर्व विवाद या संबंध नहीं था, वह महज सनक में हत्याएं कर रहा था।
मुठभेड़ की कहानी: पुलिस पर हमला और जवाबी कार्रवाई
एसपी चंदौली आकाश पटेल के अनुसार आरोपी पूछताछ के दौरान बेहद हिंसक और गुस्से में था। जब पुलिस की टीम उसे साक्ष्य जुटाने के लिए अपराध स्थल पर लेकर गई, तब उसने मौका पाकर एक सिपाही की सर्विस पिस्टल छीन ली। आरोपी ने भागने की कोशिश करते हुए पुलिसकर्मियों पर गोलियां चला दीं। आत्मरक्षा में पुलिस ने भी फायरिंग की जिसमें गुरप्रीत गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जांच में खुलासा: बिना किसी मकसद के करता था मर्डर
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि गुरप्रीत एक साइको किलर के रूप में व्यवहार कर रहा था। उसके पास हत्या करने का कोई ठोस कारण नहीं था। वह राह चलते अजनबियों को अपनी गोली का शिकार बना रहा था। अमृतसर से चंदौली तक के इस खूनी सफर के पीछे की मानसिक स्थिति की गहराई से जांच की जा रही है। इलाके के लोगों ने इस सीरियल किलर के खात्मे के बाद राहत की सांस ली है, क्योंकि उसकी सनक से दहशत फैल गई थी।


