फिरोजाबाद DM रमेश रंजन और तहसीलदार का iPhone विवाद: रिश्वत के संगीन आरोपों के बीच योगी सरकार ने हटाया, जानें क्या है पूरा सच

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में जिलाधिकारी और एक महिला तहसीलदार के बीच छिड़ी जंग ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। योगी सरकार ने रविवार रात को बड़ी कार्रवाई करते हुए 38 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस सूची में फिरोजाबाद के डीएम रमेश रंजन का नाम सबसे ऊपर है। रिश्वत और मानसिक उत्पीड़न के आरोपों के बाद सरकार ने उन्हें पद से हटा दिया है। यह विवाद अब लखनऊ मुख्यालय तक पहुंच गया है।

तहसीलदार राखी शर्मा के सनसनीखेज आरोप और iPhone का सच

विवाद की शुरुआत तब हुई जब टूंडला की तहसीलदार राखी शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने डीएम रमेश रंजन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिलाधिकारी ने उनसे 1.75 लाख रुपये का iPhone 15 Pro Max और एप्पल वॉच मांगी थी। पीसीएस अधिकारी राखी शर्मा ने दावा किया कि उन्होंने डीएम के ओएसडी के माध्यम से यह महंगे तोहफे दिए। उन्होंने फोन और घड़ी की खरीदारी के बिल होने का भी प्रमाण पेश किया है।

देर रात शोरूम खुलवाकर हुई खरीदारी और मानसिक प्रताड़ना का दावा

तहसीलदार राखी शर्मा ने आरोप लगाया कि 4 नवंबर 2025 की रात को आगरा के एक इलेक्ट्रॉनिक शोरूम को विशेष रूप से खुलवाया गया था। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के दबाव में यह खरीदारी की गई और उस फोन में आज भी डीएम का सिम कार्ड सक्रिय है। राखी शर्मा के मुताबिक, जब उन्होंने नियमों के विरुद्ध जाकर एक गलत जांच रिपोर्ट देने से मना किया, तो जिलाधिकारी ने उनकी आठ महीने की सैलरी रोक दी और उनका मानसिक उत्पीड़न किया।

2013 बैच के आईएएस रमेश रंजन की सफाई और सरकार का एक्शन

आईएएस अधिकारी रमेश रंजन ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें निराधार बताया है। उनका कहना है कि तहसीलदार विभागीय कार्रवाई से बचने के लिए उन पर मनगढ़ंत आरोप लगा रही हैं। हालांकि, शासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों पर कार्रवाई की है। तहसीलदार राखी शर्मा को पहले ही लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध किया गया था। अब डीएम रमेश रंजन को हटाकर संतोष कुमार शर्मा को फिरोजाबाद का नया कलेक्टर बनाया गया है।

मंडलायुक्त स्तर पर जांच शुरू और ब्यूरोक्रेसी में मची हलचल

उत्तर प्रदेश ब्यूरोक्रेसी में इस ‘पावर स्ट्रगल’ ने भ्रष्टाचार के गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्तमान में मंडलायुक्त स्तर पर इन आरोपों की विस्तृत जांच चल रही है। जांच टीम फोन की लोकेशन, खरीदारी के बिल और सिम कार्ड के उपयोग के साक्ष्यों को खंगाल रही है। सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में बड़ी कार्रवाई की संभावना है।

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