Rajasthan News: अजमेर जिले के पुलिस महकमे से एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाल ने गंभीर आरोपों के बाद कांस्टेबल मुकेश सारण को तत्काल प्रभाव से सेवा से निलंबित कर दिया है। आरोपी के खिलाफ अपनी ही साथी महिला कांस्टेबल के साथ दुष्कर्म करने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी करते हुए मामला डीएसपी अजमेर नॉर्थ शिवम जोशी को सौंप दिया है।
नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म करने का आरोप
डीएसपी शिवम जोशी ने मीडिया से बातचीत के दौरान पुष्टि की है कि पीड़ित महिला कांस्टेबल ने व्यक्तिगत रूप से पुलिस अधीक्षक से मिलकर शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी कांस्टेबल ने उसे पहले कोई नशीला पेय पदार्थ पिलाया और फिर उसकी बेहोशी का फायदा उठाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके पश्चात आरोपी ने उसे अपने प्रेमजाल में फंसा लिया और भविष्य में निवेश के नाम पर उससे मोटी रकम भी हड़प ली।
आरोपी के परिवार पर भी मिलीभगत का संदेह
महिला कांस्टेबल ने अपनी शिकायत में इस पूरे षड्यंत्र में आरोपी मुकेश सारण की बहन और जीजा पर भी मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का दावा है कि इन लोगों ने आरोपी का साथ देकर उसे मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया। पीड़िता ने एक और चौंकाने वाला आरोप लगाया है कि जब वह गर्भवती हुई, तो आरोपी कांस्टेबल ने दबाव बनाकर उसका जबरन गर्भपात भी कराया था। पुलिस अब इन सभी बिंदुओं पर गहनता से साक्ष्य जुटा रही है।
विवाह के बावजूद प्रेमजाल और धोखाधड़ी का खेल
पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी कांस्टेबल मुकेश सारण और शिकायतकर्ता महिला कांस्टेबल, दोनों ही पहले से शादीशुदा हैं। इसके बावजूद आरोपी ने महिला को झांसे में लेकर इस वारदात को अंजाम दिया। डीएसपी के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता का मेडिकल मुआयना करा लिया गया है। वर्तमान में जांच जारी है और पुलिस सभी वैज्ञानिक व तकनीकी पहलुओं का बारीकी से विश्लेषण कर रही है ताकि दोषी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।


