Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला को भीषण ट्रैफिक जाम से बचाने के लिए सरकार बड़ा कदम उठा रही है। शहर में करीब दो दशक बाद पहली बड़ी सुरंग बनाने की योजना फिर शुरू हुई है। इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के तहत टालैंड से सीधे अस्पताल तक सुरंग बनाई जाएगी।
नगर निगम शिमला ने इस बड़े प्रोजेक्ट की विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट पूरी तरह तैयार कर ली है। उच्च अधिकारियों ने इस महत्वपूर्ण रिपोर्ट को अपनी मंजूरी भी दे दी है। इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए अगले सप्ताह शिमला में एक विशेष समीक्षा बैठक आयोजित होने जा रही है।
मरीजों और तीमारदारों को नहीं लगाना होगा लंबा चक्कर
शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान ने इस प्रोजेक्ट के बारे में विशेष जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इस सुरंग का मुख्य उद्देश्य शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना है। इस नई सुरंग के बनने से स्थानीय लोगों और पर्यटकों को आवागमन में बहुत बड़ी सुविधा मिलेगी।
अभी लोगों को अस्पताल पहुंचने के लिए विक्ट्री टनल और लक्कड़ बाजार से होकर जाना पड़ता है। इस लंबे चक्कर के कारण मरीजों का बहुत समय बर्बाद होता है। नई सुरंग बनने से टालैंड से मरीज सीधे और बहुत कम समय में अस्पताल पहुंच सकेंगे। इससे सबका कीमती समय बचेगा।
बीस साल पहले बना था सुरंग निर्माण का प्रस्ताव
शिमला शहर में इस सुरंग को बनाने का विचार कोई नया नहीं है। सबसे पहले जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन के समय यह प्रस्ताव लाया गया था। उस दौर में बजट की कमी और तकनीकी दिक्कतों के कारण यह बेहतरीन योजना आगे नहीं बढ़ सकी थी।
उस समय प्रशासन ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में तीन और सुरंगे बनाने की योजना बनाई थी। बजट की कमी से वे सभी फाइलें ठंडे बस्ते में चली गईं। अब मौजूदा नगर निगम प्रशासन इस रुकी हुई महत्वाकांक्षी योजना को दोबारा शुरू करने के लिए पूरी ताकत लगा रहा है।
यदि आगामी बैठक में सरकार से अंतिम मंजूरी मिलती है, तो शिमला का नक्शा बदल जाएगा। यह टनल मुख्य सड़कों से वाहनों के भारी दबाव को बहुत कम कर देगी। लंबे समय से ट्रैफिक जाम झेल रहे शिमला के लोगों के लिए यह खबर बड़ी राहत लेकर आई है।
Reported By: Sunita Gupta


