Himachal News: खनेरी स्थित महात्मा गांधी चिकित्सा परिसर के सरकारी नर्सिंग संस्थान में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। यहां की दो छात्राएं गंभीर टीबी बीमारी की चपेट में आ गई हैं। इसके बाद 17 अन्य छात्राओं को बचाव के लिए दवा दी गई है। खराब भोजन और भारी मानसिक तनाव को इस बीमारी की मुख्य वजह बताया जा रहा है। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल पहुंचकर जमकर हंगामा किया। उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक का घेराव करके सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।
खराब खाना और बंदर भगाने की ड्यूटी से आक्रोश
छात्राओं के परिजनों ने संस्थान प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि छात्राओं से मेस के नाम पर 3,600 रुपये वसूले जाते हैं। इसके बावजूद उन्हें पौष्टिक भोजन नहीं मिलता है। एक छोटे से कमरे में पांच छात्राओं को ठूंस कर रखा जाता है। हद तो तब हो गई जब अस्पताल परिसर से बंदरों को भगाने के लिए इन छात्राओं की ड्यूटी लगा दी गई। इन कारणों से छात्राओं पर भारी मानसिक और शारीरिक दबाव बना।
प्रिंसिपल को हटाने की मांग, जांच कमेटी गठित
भाजपा नेता कौल सिंह के साथ पहुंचे परिजनों ने चिकित्सा अधीक्षक का कड़ा घेराव किया। उन्होंने प्रिंसिपल डॉ. मधु गौतम को तुरंत पद से हटाने की जोरदार मांग की। भारी दबाव के बाद प्रिंसिपल को जांच कमेटियों से हटा दिया गया है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रोशन कौंडल ने टीबी मामलों की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मामले की गहन जांच के लिए एक विशेष कमेटी बनाई गई है। जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।
एसडीएम की जांच में खुली मेस टेंडर की पोल
शिकायतों के आधार पर एसडीएम रामपुर ने भी मामले की पूरी जांच की है। उनकी जांच रिपोर्ट में भी कई चौंकाने वाली अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक साल 2007 से अब तक मेस का कोई टेंडर ही नहीं हुआ है। एक ही व्यक्ति कई सालों से बिना किसी वैध रिकॉर्ड के मेस चला रहा है। एसडीएम ने स्वास्थ्य विभाग के शिक्षा विंग के निदेशक को अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट आगामी कार्रवाई के लिए सौंप दी है।
सीएमओ ने दी संक्रमित छात्राओं के स्वास्थ्य की जानकारी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी यशपाल रांटा ने संक्रमित छात्राओं के स्वास्थ्य पर ताजा जानकारी साझा की है। स्वास्थ्य विभाग पूरी स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए है।
- संक्रमित दो छात्राओं में से एक का इलाज पूरी तरह से खत्म हो गया है।
- दूसरी छात्रा का इलाज अभी भी जारी है और उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आ गई है।
- संक्रमण फैलने से रोकने के लिए 17 अन्य छात्राओं को विशेष दवा दी जा रही है।


