London News: ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेट टीम ने बड़ा इतिहास रच दिया है। टीम ने विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मैच में इंग्लैंड को 7 विकेट से करारी शिकस्त दी। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर कंगारू टीम ने रिकॉर्ड सातवीं बार इस चमचमाती ग्लोबल ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमाया है।
बेथ मूनी और फोएबे लिचफील्ड ने दिलाई खिताबी जीत
इस महामुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई ओपनर बेथ मूनी और मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज फोएबे लिचफील्ड के बीच शतकीय पार्टनरशिप हुई। इस बेहतरीन साझेदारी ने टीम की खिताबी जीत में सबसे अहम भूमिका निभाई। कंगारू टीम इससे पहले साल 2010, 2012, 2014, 2018, 2020 और 2023 में भी चैंपियन बन चुकी है।
फाइनल मुकाबले में धुआंधार बैटिंग करने वाली स्टार बल्लेबाज बेथ मूनी को विशेष अवॉर्ड्स मिले। उन्होंने निर्णायक मैच में 49 गेंदों में 64 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ और पूरे टूर्नामेंट के लिए ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ चुना गया।
चैंपियन ऑस्ट्रेलिया और रनर-अप इंग्लैंड को मिली मोटी रकम
बेथ मूनी ने इस एडिशन के कुल 7 मैचों में 47.60 के लाजवाब औसत से 238 रन बनाए। इसके साथ ही उन्होंने फील्डिंग में भी दम दिखाते हुए 5 लाजवाब कैच लपके। वे इस पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर रहीं।
लॉर्ड्स में खिताबी जीत दर्ज करने के बाद चैंपियन ऑस्ट्रेलियाई टीम पर आईसीसी ने पैसों की भारी बारिश की। विजेता टीम को चमचमाती ट्रॉफी के साथ 2.34 मिलियन यूएस डॉलर यानी करीब 22 करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार मिला। इसने महिला क्रिकेट के स्तर को और ऊंचा किया है।
नॉकआउट और ग्रुप स्टेज से बाहर हुई टीमों की कमाई
फाइनल मैच में शिकस्त झेलने वाली उपविजेता इंग्लैंड टीम को भी काफी मोटी रकम मिली है। रनर-अप रही ब्रिटिश टीम को 1.17 मिलियन यूएस डॉलर यानी लगभग 11 करोड़ रुपये देकर सम्मानित किया गया। हार के बावजूद इंग्लैंड के खिलाड़ियों को इस बड़ी इनामी राशि से थोड़ा संतोष जरूर मिलेगा।
दूसरे छोर पर सेमीफाइनल मुकाबले में बाहर होने वाली दोनों टीमों को भी बड़ा फायदा हुआ। नॉकआउट स्टेज में हारने वाली वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका को समान रूप से 6.7 लाख यूएस डॉलर मिले। भारतीय करेंसी के हिसाब से इन दोनों टीमों को करीब 6.29 करोड़ रुपये मिले हैं।
टूर्नामेंट के नॉकआउट स्टेज तक नहीं पहुंचने वाली बाकी बची 8 टीमों को भी खाली हाथ नहीं लौटना पड़ा। आईसीसी ने ग्रुप स्टेज से बाहर होने वाली प्रत्येक टीम को कम से कम 2.5 लाख यूएस डॉलर दिए। भारतीय महिला टीम को भी इस वर्ल्ड कप में करीब 2.35 करोड़ रुपये मिले हैं।

