Sports News: तुर्की के अंताल्या में आयोजित तीरंदाजी विश्व कप-2026 स्टेज-3 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। देश के स्टार तीरंदाज धीरज बोम्मादेवर ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाया। उन्होंने इस प्रतिष्ठित वैश्विक प्रतियोगिता में दोहरे स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाकर इतिहास रच दिया है।
धीरज बोम्मादेवर ने पुरुष व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में स्वर्णिम सफलता हासिल की। इसके साथ ही उन्होंने देश का मान बढ़ाया। इसके तुरंत बाद उन्होंने शानदार प्रदर्शन जारी रखा। धीरज ने मिक्स्ड टीम इवेंट में भी भारत को चैंपियन बनाकर देश की झोली में दूसरा गोल्ड मेडल डाल दिया।
धीरज ने खत्म किया पांच साल का सूखा
पुरुष व्यक्तिगत रिकर्व का फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। धीरज बोम्मादेवर ने दक्षिण कोरिया के ली वू-शियोक को 7-3 से करारी शिकस्त दी। ली वू-शियोक ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता हैं। साल 2021 में अतनु दास की जीत के बाद यह पहला व्यक्तिगत पुरुष विश्व कप स्वर्ण पदक है।
धीरज अब ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने वाले तीसरे भारतीय पुरुष तीरंदाज बन गए हैं। उनसे पहले टाटा तीरंदाजी अकादमी के पूर्व प्रशिक्षु अतनु दास और जयंत तालुकदार ही यह कारनामा कर सके थे। इस बड़ी जीत से भारतीय तीरंदाजी खेमे में जश्न का माहौल बना हुआ है।
मिक्स्ड टीम इवेंट में भी लहराया परचम
धीरज ने व्यक्तिगत सफलता के अलावा मिश्रित रिकर्व टीम स्पर्धा का खिताब भी जीता। उन्होंने कुमकुम मोहोद के साथ मिलकर फाइनल में दक्षिण कोरिया की मजबूत टीम को 5-1 से एकतरफा शिकस्त दी। साल 2021 में अतनु दास और दीपिका कुमारी ने पहला मिक्स्ड रिकर्व गोल्ड जीता था।
अब धीरज और कुमकुम की युवा जोड़ी ने उस इतिहास को दोबारा दोहराया है। इस दौरान अनुभवी खिलाड़ी अतनु दास भी टीम के साथ मौजूद रहे। उन्होंने मैच के दौरान युवा धीरज का लगातार मार्गदर्शन किया। वहीं महिला वर्ग में स्टार खिलाड़ी दीपिका कुमारी प्री-क्वार्टर फाइनल तक पहुंचीं।
महिला और कंपाउंड टीम का ऐसा रहा प्रदर्शन
अंकिता भकत, कुमकुम और कीर्ति की महिला रिकर्व टीम को क्वार्टर फाइनल में हार मिली। मेजबान तुर्की ने उन्हें कड़े मुकाबले में मात दी। इससे पहले शंघाई में दीपिका, अंकिता और कुमकुम की इसी तिकड़ी ने शानदार खेल दिखाते हुए स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था।
दूसरी तरफ भारतीय कंपाउंड टीम का सफर इस बार थोड़ा निराशाजनक रहा। कांस्य पदक के बेहद रोमांचक मुकाबले में भारतीय टीम मेक्सिको से हार गई। इस कांटे के मुकाबले में हार का अंतर महज एक अंक (233-232) का रहा और टीम पदक से चूक गई।
Author: Prem Sharma

