Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में भवन निर्माण एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत पंजीकृत लाखों श्रमिकों के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है। जिले में लगभग 1.76 लाख पंजीकृत श्रमिकों में से करीब 80 हजार मजदूरों ने अब तक अपने श्रमिक पंजीयन कार्ड का नवीनीकरण नहीं कराया है। यदि ये श्रमिक समय रहते पंजीकरण का नवीनीकरण नहीं कराते हैं, तो वे सरकार द्वारा संचालित दर्जनों लाभकारी और कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से पूरी तरह वंचित हो सकते हैं।
श्रमिक कार्ड नवीनीकरण न कराने पर होगा बड़ा आर्थिक नुकसान
श्रम विभाग के नियमों के अनुसार विभाग में नया पंजीकरण कराने और पुराने पंजीकृत श्रमिकों को समय-समय पर कार्ड का नवीनीकरण कराना अनिवार्य होता है। वर्तमान में जिले की स्थिति काफी गंभीर है क्योंकि लगभग आधे श्रमिकों का डेटा अपडेट नहीं है। नवीनीकरण के अभाव में इन श्रमिकों का डेटा पोर्टल पर निष्क्रिय हो जाता है जिससे उन्हें मिलने वाली सहायता राशि रुक जाती है। विभाग ने चेतावनी दी है कि बिना वैध कार्ड के कोई भी श्रमिक ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाएगा।
कन्या विवाह और मातृत्व योजना के तहत मिलती है भारी सहायता
बोर्ड द्वारा पंजीकृत श्रमिकों को कन्या विवाह सहायता योजना के अंतर्गत घर पर विवाह करने पर 65 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी जाती है। वहीं सामूहिक विवाह में शामिल होने पर यह राशि बढ़कर 1 लाख रुपए हो जाती है। इसके अतिरिक्त मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना के तहत दो बच्चों के जन्म तक 26 हजार से लेकर 90 हजार रुपए तक की सहायता प्रदान की जाती है। नवीनीकरण न होने की स्थिति में गरीब परिवारों को मिलने वाली यह बड़ी राशि अटक सकती है।
दुर्घटना में मृत्यु और शिक्षा के लिए भी मिलता है सरकारी सहारा
निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना के तहत कार्यस्थल पर दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिवार को 5.25 लाख रुपए मिलते हैं। सामान्य मृत्यु की स्थिति में भी विभाग 2.25 लाख रुपए की सहायता प्रदान करता है। बच्चों की पढ़ाई के लिए संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 2 हजार से 60 हजार रुपए तक की छात्रवृत्ति दी जाती है। इन सभी योजनाओं का आधार केवल सक्रिय श्रमिक कार्ड ही है, जिसे समय पर अपडेट करना बहुत जरूरी है।
गंभीर बीमारी के इलाज और नए पंजीकरण की आसान प्रक्रिया
श्रमिकों को गंभीर बीमारी सहायता योजना के तहत अस्पताल में होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति यानी चिकित्सा व्यय वापस मिलता है। विभाग ने अपील की है कि जिन श्रमिकों का कार्ड एक्सपायर हो चुका है, वे तुरंत जन सेवा केंद्र के माध्यम से नवीनीकरण कराएं। जो नए मजदूर अभी तक पंजीकृत नहीं हैं, वे भी सहज जन सेवा केंद्र पर जाकर अपना नया पंजीकरण करा सकते हैं। डिजिटल इंडिया के तहत अब यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और बेहद सरल बना दी गई है।


