वोटर लिस्ट में बड़ा खेल? एक ही नाम 5 जगह दर्ज, सपा ने चुनाव आयोग के सामने खोल दी धांधली की पोल

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बाद भी बड़ी गड़बड़ियां सामने आने से सियासी हड़कंप मच गया है। समाजवादी पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा से औपचारिक शिकायत करते हुए सूची में गंभीर त्रुटियों का दावा किया है। सपा के अनुसार झांसी जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में एक ही मतदाता का नाम पांच-पांच बार दर्ज पाया गया है। पार्टी ने साक्ष्यों के साथ ज्ञापन सौंपकर इन फर्जी और डुप्लीकेट नामों को तत्काल हटाने की मांग की है।

झांसी की वोटर लिस्ट में मिले चौकाने वाले आंकड़े

सपा प्रतिनिधिमंडल द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में झांसी के गरौठा और मऊरानीपुर विधानसभा क्षेत्रों का विशेष उल्लेख किया गया है। गरौठा में ऊषा नामक महिला का नाम पांच अलग-अलग स्थानों पर दर्ज है। वहीं राहुल, ज्योति सिंह, विकास, छाया और मनीषा जैसे मतदाताओं के नाम तीन-तीन बार सूची में शामिल हैं। मऊरानीपुर में भी साधना का नाम पांच जगह और ज्योति का नाम चार जगह मिला है। विपक्ष का आरोप है कि जानबूझकर मतदाता सूची के डेटा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

मृतक और अनुपस्थित मतदाताओं के नामों पर गहराया विवाद

समाजवादी पार्टी के नेताओं का कहना है कि वोटर लिस्ट में केवल जीवित डुप्लीकेट नाम ही नहीं, बल्कि मृतक मतदाताओं के नाम भी बड़ी संख्या में मौजूद हैं। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि कई ऐसे लोग जो वर्षों पहले शहर छोड़ चुके हैं या शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नाम भी सूची से नहीं हटाए गए हैं। पार्टी ने निर्वाचन आयोग को चेतावनी दी है कि यदि इन नामों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आगामी चुनावों की निष्पक्षता और पवित्रता पर गंभीर सवाल खड़े हो जाएंगे।

पूरे प्रदेश में व्यापक जांच की उठाई गई मांग

सोमवार को पार्टी नेता केके श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चंद्र सिंह और राधेश्याम सिंह ने आयोग को बताया कि यह समस्या केवल झांसी तक सीमित नहीं है। उनका दावा है कि पूरे प्रदेश की मतदाता सूचियों में इसी तरह के डुप्लीकेट वोटर्स की भरमार है। ज्ञापन में मांग की गई है कि सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में विशेष जांच दल गठित कर सूची का शुद्धिकरण किया जाए। सपा ने तर्क दिया कि एक ही व्यक्ति का कई बार वोट डालना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए एक बड़ा खतरा है।

निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए गंभीर सवाल

विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य वोटर लिस्ट को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाना था। हालांकि, सपा के इन खुलासों ने आयोग की तैयारियों और अधिकारियों की गंभीरता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। ज्ञापन में निधि पांडेय और हेमल अहिरवार जैसे नामों का भी जिक्र है जो तीन-तीन जगह रजिस्टर्ड हैं। अब देखना यह होगा कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी इन शिकायतों पर कितनी तेजी से एक्शन लेते हैं और क्या चुनावी निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए दोबारा वेरिफिकेशन कराया जाएगा।

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