Himachal Budget Crisis: केंद्र की नई योजना से हिमाचल पर बढ़ेगा 800 करोड़ का भारी बोझ, क्या वित्तीय संकट में फंसेगा राज्य?

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Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के विकास और खजाने पर अगले महीने से बहुत बड़ा असर पड़ने वाला है। आगामी जुलाई महीने से शुरू हो रही केंद्र सरकार की नई रोजगार गारंटी योजना राज्य की वित्तीय स्थिति को पूरी तरह बिगाड़ सकती है। इससे प्रदेश सरकार पर अचानक करोड़ों रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा।

राज्य के पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने नए पंचायत प्रतिनिधियों के शपथ ग्रहण समारोह के बाद मीडिया से खास बातचीत की। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम और पूरा ढांचा बदल दिया है। इस नए बदलाव के कारण अब राज्य सरकार को दस प्रतिशत की हिस्सेदारी खुद वहन करनी होगी।

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मनरेगा का बदला स्वरूप बढ़ाएगा राज्य की वित्तीय मुश्किलें

कैबिनेट मंत्री के अनुसार राज्य में इस बार कुल 407 लाख कार्य दिवस का अनुमान है। केंद्र सरकार से प्रदेश को केवल 250 लाख कार्य दिवस का ही लक्ष्य मिलता है। ऐसे में नई व्यवस्था लागू होने से हिमाचल प्रदेश सरकार पर सीधे 800 करोड़ रुपये का नया वित्तीय भार पड़ेगा।

पंचायती राज मंत्री ने साफ किया कि जुलाई में योजना शुरू होने के बाद ही इसकी पूरी रूपरेखा साफ होगी। राज्य सरकार इस योजना को पूरी तरह नियमानुसार ही जमीन पर लागू करेगी। इसके साथ ही सरकार गांवों और पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष नीतियां भी बना रही है।

पंचायतों के विकास के लिए मिलेंगे 3760 करोड़ रुपये

अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि प्रदेश की पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत करने के लिए आगामी वर्षों में कुल 3760 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। इस चालू वित्तीय वर्ष में ही सरकार ने 429 करोड़ रुपये का बड़ा बजटीय प्रावधान किया है। इसमें से मंडी जिला को बड़ी हिस्सेदारी मिलेगी।

प्रदेश के गांवों में अब एक करोड़ रुपये की लागत से बिल्कुल नए मॉडल पंचायत घर बनाए जाएंगे। इसके लिए सभी नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को अपने क्षेत्रों में जमीन तलाशने के निर्देश दिए गए हैं। अब विकास के सभी कार्य सीधे ऑनलाइन मोबाइल ऐप के माध्यम से ही पूरे किए जाएंगे।

जून के आखिरी हफ्ते से शुरू होगा नया कार्यकाल

पंचायती राज मंत्री ने घोषणा की कि 27 जून को वार्ड सदस्यों की पहली आधिकारिक बैठक और शपथ के साथ नया कार्यकाल शुरू होगा। उन्होंने सभी युवा और शिक्षित जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने क्षेत्रों में नशे के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाएं और पर्यावरण को सुरक्षित बनाएं।

Reported By: Sunita Gupta

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