West Bengal News: पश्चिम बंगाल में शनिवार को नई सरकार के शपथ ग्रहण के साथ ही विकास की नई इबारत लिखने की तैयारी शुरू हो गई है। केंद्र सरकार ने राज्य और केंद्र के बीच सालों से जारी टकराव के कारण रुकी हुई परियोजनाओं को गति देने के लिए कमर कस ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट बैठक में बंगाल के विकास को प्राथमिकता देने का संकल्प दोहराया है। अब केंद्र सरकार उन सभी मंत्रालयों से योजनाओं की सूची मांग रही है जो पिछले 12 वर्षों से अधर में लटकी थीं।
राजनाथ सिंह को सौंपी गई समन्वय की बड़ी जिम्मेदारी
केंद्र सरकार ने अटकी हुई परियोजनाओं को पटरी पर लाने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को मुख्य समन्वयक बनाया है। राजनाथ सिंह ने विभिन्न मंत्रालयों के साथ संपर्क साधकर ऐसी योजनाओं का ब्यौरा मांगा है जिन्हें ममता बनर्जी सरकार के असहयोग के कारण ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। सभी मंत्रालयों ने अपनी रिपोर्ट देना शुरू कर दिया है। इसके बाद केंद्रीय स्तर पर इन योजनाओं के मार्ग में आने वाली प्रशासनिक और तकनीकी अड़चनों को दूर करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
अधूरे प्रोजेक्ट्स के लिए अब खत्म होगी जमीन की बाधा
पिछले एक दशक में मोदी सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं को बंगाल में या तो लागू नहीं किया गया या उनका नाम बदल दिया गया। कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स के लिए राज्य सरकार ने जमीन उपलब्ध कराने में आनाकानी की थी। नमामि गंगे परियोजना के तहत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के लिए जमीन न मिलना इसका प्रमुख उदाहरण है। अब नई सरकार के गठन के साथ ही केंद्र को उम्मीद है कि ‘डबल इंजन’ की रफ्तार से ये सभी बाधाएं दूर होंगी और विकास कार्यों में तेजी आएगी।
इन प्रमुख केंद्रीय योजनाओं को अब मिलेगा विस्तार
- आयुष्मान भारत योजना: इस योजना के तहत मिलने वाला 5 लाख रुपये का चिकित्सा बीमा अब बंगाल के हर नागरिक को मिल सकेगा।
- पीएम आवास योजना: 2022 से रुके हुए फंड को जारी कर गरीबों के घर बनाने का काम फिर से शुरू किया जाएगा।
- शिक्षा और सड़क: पीएम श्री स्कूल, नई भाषा नीति, उल्लास और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) को अब प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा।
- जल और मत्स्य पालन: जल जीवन मिशन और पीएम मत्स्य संपदा योजना के तहत आवंटित राशि का अब उचित उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
बॉर्डर फेंसिंग का काम 45 दिनों में होगा पूरा
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से सबसे संवेदनशील ‘बॉर्डर फेंसिंग’ का मुद्दा अब प्राथमिकता पर है। पहले जमीन की उपलब्धता न होने के कारण सीमा पर बाड़ लगाने का काम अटका हुआ था। केंद्र सरकार ने अब संकल्प लिया है कि नई सरकार के सहयोग से अगले 45 दिनों के भीतर बॉर्डर फेंसिंग के कार्य को हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा। इससे न केवल घुसपैठ पर लगाम लगेगी, बल्कि सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था भी और अधिक पुख्ता होगी।


