Indian Railways News: भारतीय रेलवे अब सोशल मीडिया पर अपनी ब्रांड इमेज को पूरी तरह बदलने जा रही है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सकारात्मक माहौल बनाने के लिए अब पेशेवर एजेंसियां कमान संभालेंगी। इसके लिए रेलवे बड़े पैमाने पर भारी निवेश कर रहा है।
उत्तर मध्य रेलवे ने सोशल मीडिया प्रबंधन और मीडिया विश्लेषण सेवाओं के लिए एक बड़ी ई-निविदा जारी की है। इस विशेष योजना के तहत रेलवे अगले दो वर्षों में लगभग नौ करोड़ बत्तीस लाख रुपये खर्च करेगा। देश के विभिन्न रेलवे जोनों में इस नीति को लागू किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर चौबीस घंटे नजर रखेगी टीम
टेंडर के माध्यम से चुनी जाने वाली प्रोफेशनल एजेंसी रेलवे की ऑनलाइन गतिविधियों पर चौबीस घंटे पैनी नजर रखेगी। यदि इंटरनेट पर रेलवे के खिलाफ कोई भ्रामक या झूठी खबर फैलाई जाती है, तो यह टीम तुरंत उसका जोरदार खंडन करेगी और सही तथ्य सामने रखेगी।
आम यात्रियों की सोशल मीडिया पर आने वाली शिकायतों का यह टीम तुरंत निपटारा कराएगी। इसके साथ ही रेलवे की आधुनिक सुविधाओं की जानकारी को आकर्षक वीडियो, क्रिएटिव और रील्स के जरिए जनता तक पहुंचाया जाएगा। यह टीम यात्रियों के फीडबैक का बहुत ही बारीकी से अध्ययन करेगी।
पारंपरिक तरीकों को छोड़कर डिजिटल फर्स्ट की नीति
इस महत्वपूर्ण टेंडर के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख चौबीस जून दो हजार छब्बीस तय की गई है। साफ है कि रेलवे अब पारंपरिक तौर-तरीकों को छोड़कर पूरी तरह डिजिटल फर्स्ट की नीति पर आगे बढ़ रहा है ताकि यात्रियों के साथ उसका जुड़ाव बेहतर हो।
उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि सोशल मीडिया एजेंसी के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस नई व्यवस्था से न केवल रेलवे की डिजिटल छवि सुधरेगी, बल्कि भ्रामक प्रचार पर भी पूरी तरह से लगाम लगाई जा सकेगी।
Author: Rajesh Kumar

