Kerala News: केरल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की सत्ता की कमान किसके हाथ में होगी, इसे लेकर सस्पेंस अब खत्म होता नजर आ रहा है। कांग्रेस के केंद्रीय पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक के हाथ में दिखी एक ‘वायरल चिट्ठी’ ने सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। इस पत्र के आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि केसी वेणुगोपाल केरल के अगले मुख्यमंत्री हो सकते हैं। प्रदेश की राजनीति में इस घटनाक्रम के बाद वेणुगोपाल का पलड़ा अन्य दावेदारों के मुकाबले काफी भारी नजर आ रहा है।
मुकुल वासनिक की चिट्ठी और 47 विधायकों का समर्थन
एआईसीसी के केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने हाल ही में नवनिर्वाचित विधायकों के साथ गुप्त बैठक की थी। इस बैठक के दौरान मुकुल वासनिक के हाथ में विधायकों की एक सूची देखी गई, जिसकी तस्वीर अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के कुल 63 नवनिर्वाचित विधायकों में से 47 ने स्पष्ट रूप से केसी वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाने का समर्थन किया है। विधायकों की इस भारी लामबंदी ने वेणुगोपाल की दावेदारी को सबसे मजबूत बना दिया है।
वीडी सतीशन और रमेश चेन्निथला को लगा बड़ा झटका
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल अन्य दिग्गज नेताओं के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है। वीडी सतीशन, जिन्हें राज्य में काफी लोकप्रिय माना जा रहा था, उन्हें केवल 6 विधायकों का समर्थन मिल सका है। वहीं, पूर्व नेता प्रतिपक्ष रमेश चेन्निथला के पक्ष में महज 8 विधायक ही खड़े नजर आए। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि चेन्निथला के बेहद करीबी सहयोगी आई.सी. बालकृष्णन ने भी वेणुगोपाल के नाम पर अपनी सहमति जता दी है।
सन्नी जोसेफ का बदला रुख और सियासी हलचल
केपीसीसी अध्यक्ष सन्नी जोसेफ, जिन्हें अब तक वीडी सतीशन का कट्टर समर्थक माना जाता था, उनके बदले रुख ने सबको चौंका दिया है। वायरल लिस्ट के मुताबिक, सन्नी जोसेफ ने भी वेणुगोपाल के पक्ष में अपनी राय दी है। उनके साथ संदीप जी. वारियर और उषा विजयन जैसे प्रमुख नाम भी शामिल हैं। इस बदलाव के बाद सन्नी जोसेफ ने अपनी प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस अचानक रद्द कर दी है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह पार्टी के भीतर बढ़ते दबाव का संकेत है।
मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे अंतिम फैसला
कांग्रेस विधायक दल की बैठक में एक सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित किया गया है। इसके जरिए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगाने का अधिकार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को दिया गया है। पर्यवेक्षक अपनी रिपोर्ट लेकर दिल्ली लौट चुके हैं और जल्द ही खड़गे को सौंपेंगे। माना जा रहा है कि पार्टी आलाकमान शनिवार या रविवार तक आधिकारिक रूप से नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा कर सकता है। इसके बाद शपथ ग्रहण की तैयारियां शुरू हो जाएंगी।
अगले 48 घंटे केरल की राजनीति के लिए बेहद अहम
आने वाले दो दिन केरल की नई सरकार के गठन के लिए निर्णायक साबित होंगे। यदि जरूरत पड़ी तो आलाकमान सतीशन, चेन्निथला और सन्नी जोसेफ को बातचीत के लिए दिल्ली तलब कर सकता है। मुख्यमंत्री के नाम के ऐलान के ठीक दो दिन बाद शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होने की प्रबल संभावना है। इस समारोह में यूडीएफ के अन्य सहयोगी दलों के बड़े नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। फिलहाल, पूरी कांग्रेस इकाई दिल्ली से आने वाले अंतिम आदेश की प्रतीक्षा कर रही है।


