दिल्ली में 88 लाख किरायेदारों पर टिकी जनगणना की सफलता: अधिकारियों ने कहा- ‘डेटा सही होगा तभी शहर का विकास होगा’

Delhi Census News: दिल्ली में 2027 की जनगणना को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं, लेकिन करीब 88 लाख किरायेदारों की उदासीनता ने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। सांख्यिकी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किरायेदारों ने इस प्रक्रिया में सक्रियता से भाग नहीं लिया, तो दिल्ली की वास्तविक जनसंख्या का गणित पूरी तरह गड़बड़ा सकता है। शहर के भविष्य की बुनियादी सुविधाओं और विकास योजनाओं का खाका इसी डेटा के आधार पर तैयार होना है। इसलिए प्रशासन ने सभी किरायेदारों से बढ़-चढ़कर जनगणना में भाग लेने की अपील की है।

शहर की 35 फीसदी आबादी का सटीक आंकलन है अनिवार्य

एक अनुमान के मुताबिक, दिल्ली की कुल आबादी वर्तमान में करीब ढाई करोड़ तक पहुंच चुकी है। इसमें से लगभग 35 प्रतिशत लोग किराये के मकानों में रहते हैं। अधिकारियों का कहना है कि शहर के बेहतर विकास के लिए जनसंख्या का सटीक आंकलन बेहद जरूरी है। 1 मई से दिल्ली नगर निगम (MCD) के सभी वार्डों में ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) की कवायद शुरू हो चुकी है। अगर किरायेदारों का डेटा छूट जाता है, तो भविष्य में उनके इलाकों में पानी, बिजली और परिवहन जैसी सुविधाएं कम पड़ सकती हैं।

निजी जानकारी साझा करने का डर छोड़ें मकान मालिक और किरायेदार

जनगणना अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया में किसी भी व्यक्ति की आय या अन्य कोई अत्यंत व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगी जाती है, जिससे उन्हें कोई असुविधा हो। उन्होंने मकान मालिकों से भी आग्रह किया है कि वे अपने किरायेदारों की सही जानकारी उपलब्ध कराएं। मकान मालिकों को यह समझना होगा कि उनके इलाके में सुविधाओं का विस्तार तभी होगा, जब सरकार के पास वहां रहने वाले लोगों की वास्तविक संख्या होगी। यह प्रक्रिया पूरी तरह से शहर की जनसंख्या का सही प्रोफाइल तैयार करने के लिए है।

साइबर जालसाजों से रहें सावधान, ओटीपी मांगने वालों से बचें

प्रशासन ने जनगणना के नाम पर हो रही धोखाधड़ी और साइबर अपराध को लेकर भी कड़ी चेतावनी जारी की है। अधिकारियों के संज्ञान में आया है कि कुछ जालसाज जनगणना अधिकारी बनकर लोगों से ओटीपी (OTP), बैंक विवरण या यूपीआई पिन मांग रहे हैं। अधिकारियों ने साफ कहा है कि कोई भी अधिकृत कर्मचारी ऐसी संवेदनशील जानकारी या किसी भी प्रकार के भुगतान की मांग नहीं करेगा। यदि कोई ऐसा करता है, तो इसकी सूचना तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दी जानी चाहिए।

15 मई तक एमसीडी के 250 वार्डों में चलेगी स्व-गणना की प्रक्रिया

स्व-गणना की यह प्रक्रिया 1 से 15 मई तक एमसीडी के सभी 250 वार्डों में चलेगी। इसमें भाग लेने के लिए परिवार के किसी भी सदस्य को जनगणना पोर्टल पर केवल एक लॉगिन करने की आवश्यकता होगी। मोबाइल नंबर के जरिए कोई भी निवासी अपनी और अपने परिवार की जानकारी पोर्टल पर दर्ज कर सकता है। अधिकारियों ने जोर दिया है कि निवास स्थान चाहे स्थायी हो या किराये का, सभी निवासी इसमें भाग लेने के पात्र हैं। यह शहर के सुनहरे भविष्य के निर्माण में एक महत्वपूर्ण नागरिक योगदान है।

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