पहाड़ों में दौड़ेगी रेल: ऋषिकेश-कर्णप्रयाग प्रोजेक्ट की डेडलाइन तय, 2028 तक पूरा होगा काम

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Uttarakhand News: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों तक रेलवे सुविधाओं को पहुंचाने की तैयारी अब बेहद तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। इसके तहत ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को दिसंबर, 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।

ऋषिकेश-उत्तरकाशी और कुमाऊं की रेल लाइनों पर बड़ा फैसला

मुख्यमंत्री धामी ने ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल लाइन के अंतिम सर्वेक्षण के आधार पर तैयार डीपीआर को जल्द मंजूरी देने का अनुरोध किया है। राज्य सरकार ने इस प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने और इसका पूरा खर्च केंद्र सरकार द्वारा उठाने की मांग की है। इससे सीमांत क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहद मजबूत होगी।

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बैठक में कुमाऊं क्षेत्र की टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना पर भी चर्चा हुई, जिसका सर्वेक्षण और डीपीआर पूरी तरह तैयार है। इसके अलावा कर्णप्रयाग-बागेश्वर और किच्छा-खटीमा रेल लाइनों को भविष्य की बड़ी जरूरत बताते हुए मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन का होगा दोहरीकरण

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने बताया कि हरिद्वार-मोतीचूर-रायवाला रेल लाइन का दोहरीकरण किया जाएगा। पहले चरण में हरिद्वार से मोतीचूर तक का काम होगा। राज्य सरकार ने कुंभ 2033 को ध्यान में रखते हुए रायवाला से देहरादून तक के दोहरीकरण सर्वेक्षण को जल्द पूरा करने का आग्रह किया है।

इसके साथ ही रायवाला क्षेत्र में एक वायाडक्ट बनाने का भी प्रस्ताव है, ताकि कुंभ मेले के दौरान भीड़ प्रबंधन को आसान बनाया जा सके। वहीं, निर्माणाधीन रेल परियोजनाओं में सुरक्षा के लिहाज से बनने वाली एस्केप टनल को मोटरेबल (वाहन चलाने योग्य) बनाने का अनुरोध भी किया गया है।

मेरठ-ऋषिकेश आरआरटीएस को मिली मंजूरी, स्टेशन बनेंगे आधुनिक

बैठक में मेरठ-ऋषिकेश आरआरटीएस कॉरिडोर परियोजना के तहत ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला और हरिद्वार में हर की पैड़ी तक 78 किलोमीटर लंबे अलाइनमेंट को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। अब इस पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी, जिससे दिल्ली-एनसीआर से उत्तराखंड आना आसान होगा।

यात्रियों की सुविधा के लिए देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, रुड़की, हल्द्वानी, काठगोदाम, रामनगर और टनकपुर रेलवे स्टेशनों को आदर्श स्टेशन के रूप में अपग्रेड किया जाएगा। देहरादून और हर्रावाला स्टेशनों को आगामी 25 वर्षों की आधुनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर नए सिरे से विकसित किया जा रहा है।

Author: Harish Rawat

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