पटना के कोचिंग संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा दांव पर, नियमों की अनदेखी से बढ़ा खतरा

- Advertisement -

Patna News: राजधानी में आए दिन होने वाले अग्निकांड के बावजूद पटना के कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा इंतजाम बेहद लचर हैं। यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए लाखों छात्र अपनी जान जोखिम में डालकर पढ़ाई कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा जारी सख्त आदेशों के बाद भी धरातल पर कार्रवाई का अभाव है और अधिकांश संस्थान बिना पंजीकरण के ही संचालित हो रहे हैं।

बिना पंजीकरण के चल रहे कोचिंग संस्थानों का जाल

शहर में पांच हजार से अधिक कोचिंग संस्थान संचालित हैं, जिनमें से केवल 574 ने ही पंजीकरण कराया है। जिला शिक्षा कार्यालय ने अब 332 संस्थानों की जांच के लिए सूची तैयार की है। गौरतलब है कि दिल्ली हादसे के बाद प्रशासन ने 124 संस्थानों को बंद करने का आदेश दिया था, लेकिन हकीकत में एक भी सेंटर बंद नहीं हुआ।

- Advertisement -

सुरक्षा मानकों की खुलेआम उड़ रही है धज्जियां

ज्यादातर कोचिंग सेंटर संकरी गलियों में चल रहे हैं, जहां आपात स्थिति में दमकल गाड़ियां पहुंचना नामुमकिन है। इन केंद्रों में न तो फायर एग्जिट है और न ही स्प्रिंकलर सिस्टम जैसे सुरक्षा उपकरण मौजूद हैं। खुले लटके बिजली के तारों के कारण शॉर्ट सर्किट का डर हमेशा बना रहता है, जिससे हजारों छात्रों की जान हर वक्त खतरे में है।

पंजीकरण के लिए अनिवार्य दस्तावेजों की सूची

कोचिंग संस्थानों का निबंधन कराने के लिए संचालक को कई जरूरी दस्तावेज देने होते हैं। इसमें संस्था का नाम, पता, रेंट एग्रीमेंट, भवन का लेआउट प्लान, स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी, बिजली फिटनेस और फायर सेफ्टी एनओसी शामिल हैं। इन मानकों को पूरा न कर पाने के डर से अधिकांश संचालक पंजीकरण के लिए आवेदन करने से भी कतराते हैं, क्योंकि उनके पास आवश्यक कागजात नहीं हैं।

कोचिंग के पंजीकरण हेतु आवश्यक दस्तावेजों में आवेदन पत्र, संस्थान का नाम व संपर्क विवरण, संचालक का [Your ID], पैन कार्ड, रेंट एग्रीमेंट, फोटो और निर्धारित शुल्क की रसीद अनिवार्य है। साथ ही भवन सुरक्षा प्रमाणपत्र, फायर एनओसी और बिजली की फिटनेस रिपोर्ट देना भी आवश्यक है। नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों पर प्रशासन को अब सख्त रुख अपनाने की जरूरत है।

- Advertisement -

बड़ी खबरें

Topics

Related Articles