35% की शर्त या युवाओं का भविष्य? हरियाणा में लेक्चरर की भर्ती का वो सच जिसने उड़ा दिए सबके होश

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Haryana News: हरियाणा में सरकारी नौकरी का सपना देखने वाले युवाओं के लिए एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बहुतकनीकी शिक्षण संस्थानों में लेक्चरर के पदों पर हुई तीन बड़ी भर्तियों का परिणाम बेहद निराशाजनक रहा। इन परीक्षाओं में भाग लेने वाले सैकड़ों अभ्यर्थियों में से महज चार युवा ही सफल हो पाए हैं। इस परिणाम के बाद राज्य में एक बार फिर भर्ती प्रक्रिया पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है।

हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) ने हाल ही में ‘सब्जेक्ट नॉलेज टेस्ट’ का परिणाम घोषित किया। परिणाम आते ही भर्तियों को लेकर नया विवाद छिड़ गया है। ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग और इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कंट्रोल इंजीनियरिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों में स्थिति सबसे खराब रही। इन दोनों विषयों के लेक्चरर पद के लिए एक भी युवा परीक्षा पास नहीं कर सका और सभी अभ्यर्थी असफल रहे।

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आयोग ने साल 2024 में तकनीकी शिक्षा विभाग के लिए यह विज्ञापन निकाला था। इसमें मेडिकल लेबोरेट्री टेक्नोलॉजी के 32 पद और ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग के 15 पद शामिल थे। साथ ही इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कंट्रोल इंजीनियरिंग के लिए भी 20 पदों पर भर्तियां होनी थीं। इतने पदों के बावजूद योग्य उम्मीदवार न मिलना चिंता का विषय बन गया है।

35 प्रतिशत की शर्त बनी बड़ी बाधा

अभ्यर्थियों का तर्क है कि आयोग द्वारा तय किया गया पासिंग क्राइटेरिया बहुत कठिन है। सब्जेक्ट नॉलेज टेस्ट में न्यूनतम 35 प्रतिशत अंक अनिवार्य किए गए हैं। इसी शर्त के कारण युवा मुख्य परीक्षा में फेल हो रहे हैं। 150 अंकों की इस कठिन परीक्षा में युवाओं को कम से कम 52 अंक लेने ही होते हैं।

हैरानी की बात यह है कि अधिकांश भर्तियों में उम्मीदवार इस आंकड़े को छू भी नहीं पा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि परीक्षा का स्तर और मूल्यांकन की पद्धति युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। योग्य होने के बावजूद छोटी सी तकनीकी शर्त के कारण पद खाली रह रहे हैं। यह स्थिति प्रदेश की बेरोजगारी दर के बीच और भी डरावनी नजर आती है।

आयोग के इस फैसले से जहां विभाग में शिक्षकों की कमी बनी रहेगी, वहीं युवाओं में भारी रोष है। भर्तियों के बार-बार विवादों में आने से एचपीएससी की साख पर भी असर पड़ रहा है। अब देखना यह होगा कि क्या सरकार इस नियम में कोई बदलाव करेगी या ये पद इसी तरह खाली पड़े रहेंगे।

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