Himachal Pradesh News: बिलासपुर जिला कांग्रेस में व्याप्त संगठनात्मक असंतोष अब खुलकर सामने आ गया है। जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर के सचिव सतीश कुमार चंदेल ने अपने पद से इस्तीफा देकर पार्टी आलाकमान को बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। उनके इस फैसले से सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
कर्मठ कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप, हाल ही में हुआ था गठन
सतीश चंदेल ने अपने त्यागपत्र में साफ शब्दों में लिखा है कि अब संगठन में उनके जैसे कर्मठ कार्यकर्ताओं की कोई आवश्यकता नहीं रह गई है। गौरतलब है कि अभी कुछ दिन पहले ही जिला कांग्रेस कमेटी का नया गठन हुआ था, जिसके तुरंत बाद आए इस इस्तीफे के कई मायने निकाले जा रहे हैं।
31 वर्षों से कर रहे थे कांग्रेस की सेवा, झंडूता के रह चुके हैं अध्यक्ष
सतीश चंदेल इससे पहले झंडूता ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। पिछले करीब 31 वर्षों से लगातार कांग्रेस की सेवा कर रहे चंदेल का यह अचानक उठाया गया कदम बिलासपुर कांग्रेस की आंतरिक राजनीति में नई चर्चा और चिंता का विषय बन गया है।
प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार को भेजा इस्तीफा, जताई अंदरूनी पीड़ा
राजनीतिक जानकार इसे महज एक सामान्य इस्तीफा नहीं, बल्कि संगठन के भीतर पुराने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और बढ़ती नाराजगी का स्पष्ट संकेत मान रहे हैं। चंदेल ने हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार को भेजे अपने पत्र में अंदरूनी पीड़ा व्यक्त करते हुए पद छोड़ने की घोषणा की है।
जिला अध्यक्ष अंजना धीमान ने दी सफाई, कहा- स्वास्थ्य कारणों से छोड़ा पद
इस पूरे मामले पर बिलासपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजना धीमान ने अपनी आधिकारिक सफाई दी है। उन्होंने कहा कि सतीश चंदेल पार्टी के बहुत पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ता हैं। उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देते हुए अपना इस्तीफा दिया है, जिसे संगठन द्वारा स्वीकार कर लिया गया है।

