मिशन 2027: चुनावी साल से पहले एक्शन में सीएम योगी, यूपी की सड़कों और पुलों के लिए खुला 35 हजार करोड़ का खजाना

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Lucknow News: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रदेश सरकार विकास कार्यों को रफ्तार देने में जुट गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके लिए अपना विशेष मंडलीय दौरा भी शुरू कर दिया है।

इन महत्वपूर्ण दौरों में मुख्यमंत्री सभी जन प्रतिनिधियों के साथ सीधे बैठकें कर रहे हैं। वे विधायकों और सांसदों से उनके विधानसभा क्षेत्र में इस वर्ष बनने वाली नई सड़कों, पुलों और पुलियों की प्राथमिकताओं की पूरी जानकारी ले रहे हैं।

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लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की तैयारी जुलाई महीने से ही इन नई योजनाओं के लिए बजट स्वीकृति देने की है। इसके साथ ही टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की योजना बनाई गई है, ताकि चुनावी साल से पहले जमीनी स्तर पर काम दिखे।

गोरखपुर और वाराणसी मंडल से हुई शुरुआत, इस महीने पूरा होगा दौरा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को वाराणसी मंडल में जन प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक करके इस मंडलीय दौरे की औपचारिक शुरूआत कर दी है। मुख्यमंत्री आज रविवार को गोरखपुर में गोरखपुर मंडल के जन प्रतिनिधियों के साथ बड़ी बैठक करेंगे।

माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री का यह सघन मंडलीय दौरा इसी महीने के अंत तक पूरा हो जाएगा। इन बैठकों के माध्यम से इस साल विभागीय बजट से बनने वाली नई सड़कों और पुलों के निर्माण कार्यों की प्राथमिकताएं तय की जा रही हैं।

प्राथमिकता तय होने के ठीक बाद पीडब्ल्यूडी निर्माण कार्यों को तेजी से शुरू कराएगा। विभाग के प्रमुख सचिव अजय चौहान के मुताबिक, सभी जन प्रतिनिधियों के प्रस्तावों के आधार पर प्रदेश के सभी जिलों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार होकर आ गई है।

पीडब्ल्यूडी को मिले 35,156 करोड़, सितंबर से युद्धस्तर पर शुरू होगा काम

मुख्यमंत्री की बैठकें पूरी होते ही चयनित कार्यों को मंजूरी दे दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, जुलाई से टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी, ताकि मानसून खत्म होते ही सितंबर महीने से धरातल पर युद्धस्तर पर निर्माण कार्य शुरू कराया जा सके।

इस चालू वित्तीय वर्ष में पीडब्ल्यूडी को निर्माण कार्यों के लिए कुल 35,156 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस भारी-भरकम बजट में से 11,718 करोड़ रुपये की लागत से सिर्फ नई सड़कें और नए पुल-पुलिया बनाए जाएंगे।

बाकी बचा हुआ बजट पहले से चल रही पुरानी योजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए खर्च किया जाएगा। विभाग ने तय किया है कि 5 करोड़ तक की छोटी योजनाओं के लिए 50 प्रतिशत बजट टेंडर होते ही तुरंत जारी कर दिया जाएगा।

Author: Ajay Mishra

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