Health News: तेज गर्मी और चुभती धूप न केवल आपकी नींद छीनती है, बल्कि इससे त्वचा और आंखों में संक्रमण का खतरा भी काफी बढ़ जाता है। इस मौसम की उमस और हानिकारक यूवी किरणें एलर्जी की परेशानी बढ़ाकर हमारी पूरी दिनचर्या को अस्त-व्यस्त कर सकती हैं।
मैक्स अस्पताल (नई दिल्ली) की जानी-मानी डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. दीपाली भारद्वाज बताती हैं कि केवल पानी पीने या खुद को हाइड्रेट रखने से बात नहीं बनने वाली। इसके लिए जरूरी है कि हम अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या में छोटी-छोटी मगर बेहद महत्वपूर्ण बातों का खास ख्याल रखें।
डॉक्टरों के अनुसार, घर के बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को लेकर इस मौसम में कोई लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उन्हें आंखों और त्वचा से जुड़ी गंभीर परेशानियां होने का जोखिम सबसे अधिक रहता है।
मौसमी फल हैं शरीर के ‘भीतरी सनस्क्रीन’
धूप से बचाव के लिए बाहर से सनस्क्रीन लगाना जितना जरूरी है, उतना ही आवश्यक सही खानपान भी है। गर्मी के दुष्प्रभावों से बचने के लिए तरबूज, आम और जामुन जैसे मौसमी फल ‘भीतरी सनस्क्रीन’ की तरह काम करते हैं और हमारे अंदरुनी अंगों व त्वचा को सुरक्षित रखते हैं।
गर्मियों में आंवले का सेवन करना बहुत ही लाभकारी माना जाता है। इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन सी होता है, जो शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है। इसके अलावा डाइट में खीरा, संतरा और स्ट्रॉबेरी जैसे अधिक पानी वाले खाद्य पदार्थों को शामिल करने से त्वचा का सूखापन दूर होता है।
त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाने के लिए अपने आहार में शिमला मिर्च, ब्रोकली, चिया सीड्स, अखरोट और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर पालक व टमाटर शामिल करें। ये फूड्स धूप के संपर्क में आने से होने वाले फ्री रेडिकल नुकसान और सूजन से लड़ते हैं।
त्वचा को स्वस्थ और सुरक्षित रखने के उपाय
अक्सर लोग सनस्क्रीन लगाते समय कान, गर्दन और हाथों को छोड़ देते हैं, जबकि चेहरे की तरह इन अंगों पर भी धूप का बुरा असर होता है। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच तेज धूप में बाहर निकलने से बचें या फिर पूरी सुरक्षा के साथ ही घर से बाहर कदम रखें।
अपनी त्वचा के लिए हमेशा हाइलूरोनिक एसिड, ग्लिसरीन और एलोवेरा युक्त मॉइस्चराइजर या सीरम चुनें, जो त्वचा को मुलायम रखते हैं। यदि आपकी त्वचा तैलीय है या मुंहासे हैं, तो रोमछिद्रों को बंद होने से बचाने के लिए हमेशा जेल-बेस्ड सनस्क्रीन और विटामिन सी सीरम का ही प्रयोग करें।
सनस्क्रीन केवल बाहर जाते समय ही नहीं, बल्कि घर के भीतर रहते हुए भी लगाना जरूरी है। यह मोबाइल और लैपटॉप की स्क्रीन से निकलने वाली हानिकारक किरणों से रक्षा करती है। ध्यान रहे कि अच्छे ब्रांड की सनस्क्रीन को भी हर तीन घंटे में दोबारा लगाना बेहद आवश्यक होता है।
गर्मियों में आंखों को सूखापन और इंफेक्शन से कैसे बचाएं?
एम्स (नई दिल्ली) के राजेंद्र प्रसाद नेत्र विज्ञान केंद्र के प्रोफेसर डॉ. रोहित सक्सेना बताते हैं कि इन दिनों तेज यूवी किरणों और प्रदूषण के कारण आंखों में सूखेपन (Dry Eyes) और संक्रमण का खतरा बहुत ज्यादा रहता है। इससे बचाव के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
घर से बाहर निकलते समय हमेशा बड़े आकार के गॉगल्स पहनें जो आंखों को पूरी तरह ढक सकें। धूप से सीधे बचाव के लिए चौड़ी किनारी वाली हैट का इस्तेमाल करें। अगर आंखों में जलन या थकान महसूस हो, तो साफ आरओ (RO) वॉटर से आंखें धोएं या ठंडे खीरे के टुकड़े रखें।
एसी की हवा के सीधे और लंबे समय तक संपर्क में रहने से आंखों के आंसू सूख जाते हैं, जिससे गंभीर खुजली हो सकती है। अपनी आंखों को सीधी हवा से बचाएं। आंखों की थकान दूर करने के लिए हर 20 मिनट में 20 सेकंड का ब्रेक लें और 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें।
आंखों में खुजली होने पर उन्हें हाथों से कभी न मलें, इससे संक्रमण फैल सकता है। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी आईड्रॉप इस्तेमाल न करें। अपनी डाइट में गाजर, शकरकंद, बेरीज और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें, जो आंखों की सेहत को दुरुस्त रखती हैं।
Author: Asha Thakur

