क्या खान-पान से है ब्रेन ट्यूमर का कनेक्शन? जानिए किन चीजों से दूरी बनाना है बेहद जरूरी

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Health News: ब्रेन ट्यूमर एक बेहद गंभीर और जानलेवा स्थिति है, जो सीधे इंसान के दिमाग और तांत्रिक तंत्र पर असर डालती है। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, यह कहना पूरी तरह गलत होगा कि किसी एक खास खाने की चीज से सीधे ब्रेन ट्यूमर होता है।

इसके बावजूद कई ऐसी अनहेल्दी खाने-पीने की चीजें हैं, जो हमारे शरीर में सूजन (Inflammation) को बढ़ाती हैं। यह सूजन लंबे समय में कैंसर जैसी घातक बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकती है। जानकारों का मानना है कि एक हेल्दी डाइट शरीर को अंदर से मजबूत बनाती है।

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मीठे ड्रिंक्स और सॉफ्ट ड्रिंक्स से बना लें दूरी

आजकल की आधुनिक जीवनशैली में सॉफ्ट ड्रिंक्स, पैक्ड जूस और एनर्जी ड्रिंक्स का चलन बहुत ज्यादा बढ़ गया है। बहुत से लोगों को यह बिल्कुल नहीं पता होता कि इन ड्रिंक्स में रिफाइंड चीनी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जो सेहत को नुकसान पहुंचाती है।

हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन मीठे ड्रिंक्स का लगातार सेवन शरीर में सूजन और इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ाता है। इससे न सिर्फ वजन अनियंत्रित रूप से बढ़ता है, बल्कि अन्य गंभीर परेशानियां भी शुरू हो जाती हैं। इनकी जगह नारियल पानी या ताजे फल लें।

प्रोसेस्ड मीट का अत्यधिक सेवन है बेहद खतरनाक

सॉसेज, सलामी, हॉट डॉग और पैक्ड मीट जैसे प्रोसेस्ड फूड्स को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए कई तरह के हानिकारक केमिकल्स और प्रिजर्वेटिव्स मिलाए जाते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, इन केमिकल युक्त चीजों का अधिक सेवन सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक होता है।

लगातार प्रोसेस्ड मीट खाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immune System) कमजोर होने लगती है। इसलिए पैकेज्ड नॉन-वेज के बजाय हमेशा ताजा, स्वच्छ और घर पर बना हुआ सात्विक भोजन ही करना चाहिए। यह शरीर को जरूरी पोषण देता है और टॉक्सिंस से बचाता है।

मैदा और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट से बढ़ता है जोखिम

आजकल युवा वर्ग में सफेद चावल, रिफाइंड आटा यानी मैदा और उनसे बने पिज्जा, बर्गर, नूडल्स और पेस्ट्री काफी पसंद किए जाते हैं। ये रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स हमारे शरीर को कोई भी जरूरी पोषक तत्व या विटामिंस नहीं दे पाते हैं, जो बेहद चिंताजनक है।

इनका अधिक सेवन करने से शरीर का ब्लड शुगर लेवल अचानक बहुत तेजी से बढ़ जाता है। लंबे समय में यह आदत चयापचय (Metabolism) को पूरी तरह बिगाड़ देती है। इसकी जगह अपनी दैनिक डाइट में साबुत अनाज, दालें और मल्टीग्रेन रोटियां शामिल करना श्रेयस्कर है।

तली-भुनी चीजें और अत्यधिक नमक के नुकसान

समोसे, चिप्स, फ्रेंच फ्राइज और डीप-फ्राई की गई चीजों में अनहेल्दी ट्रांस फैट बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है। यह फैट शरीर की धमनियों को ब्लॉक करता है और क्रॉनिक सूजन पैदा करता है। इसलिए डॉक्टर ऐसी चीजों को बेहद सीमित मात्रा में खाने की सलाह देते हैं।

इसके साथ ही भोजन में अत्यधिक नमक का इस्तेमाल भी हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ाता है। पैक्ड स्नैक्स में सोडियम की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। नमक का संतुलित उपयोग करने से शरीर के अलग-अलग आंतरिक अंगों पर बेवजह का दबाव नहीं पड़ता है।

ब्रेन हेल्थ के लिए डाइट में शामिल करें ये चीजें

ब्रेन ट्यूमर के मरीजों या जो लोग इसके जोखिम को कम करना चाहते हैं, उन्हें अपनी डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां, ताजे फल, एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर दही और ओमेगा-3 फैटी एसिड वाली चीजें शामिल करनी चाहिए। ये तत्व दिमाग की कोशिकाओं को सुरक्षित रखते हैं।

इसके अलावा दिनभर में पानी की सही मात्रा पीना यानी खुद को हाइड्रेटेड रखना भी बहुत जरूरी है। एक अच्छी और संतुलित डाइट इम्यून सिस्टम को इतना मजबूत बना देती है कि शरीर किसी भी बड़े इलाज या थेरेपी के साइड इफेक्ट्स को आसानी से झेल लेता है।

संतुलित जीवनशैली ही है असली बचाव

यह बात हमेशा ध्यान में रखनी चाहिए कि कोई भी एक सुपरफूड अकेले ब्रेन ट्यूमर को पूरी तरह ठीक या रोक नहीं सकता है। हालांकि, एक पौष्टिक डाइट और नियमित व्यायाम शरीर को गंभीर बीमारियों से लड़ने की आंतरिक शक्ति अवश्य प्रदान करते हैं।

ब्रेन ट्यूमर या किसी भी अन्य गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या से जूझ रहे लोगों को हमेशा अपने डॉक्टर और क्वालिफाइड न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह के अनुसार ही कस्टमाइज्ड डाइट प्लान अपनाना चाहिए। आज की छोटी-छोटी हेल्दी आदतें ही भविष्य में आपको लंबी और सेहतमंद जिंदगी देती हैं।

Author: Asha Thakur

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